मुगलसराय। विश्व जल दिवस के अवसर पर गिरते भूजल स्तर के प्रति लोगों ने चिंता जताई। इसके संरक्षण और सफाई का संकल्प लिया। गुरुवार को पानी बचाने के लिए जिलेभर में विविध कार्यक्रम आयोजित हुए और लोगों ने एक दूसरे को जल संरक्षण के प्रति जागरूक होने की सलाह दी। आयोजित गोष्ठियों में वक्ताओं ने कहा कि बूंद बूंद पानी बचेगा तभी जिंदगी बचेगी, जिस तरह पानी बर्बाद हो रहा है, वह मानव जीवन के लिए खतरनाक है।
एनसीसी 91 यूपी बटालियन की ओर से बटालियन कार्यालय पर आयोजित गोष्ठी में कैडेटों ने जल संरक्षण व स्वच्छता के लिए संकल्प लिया। इस मौके पर कमान अधिकारी कर्नल टीएस कैरोन ने कहा कि जल संरक्षण का अर्थ है जल के प्रयोग को घटाना एवं सफाई, निर्माण एवं कृषि आदि के लिए अवशिष्ट जल का पुन:चक्रण (रिसाइक्लिंग) करना। कंपनी कमांडर मेजर अमरेन्द्र सिंह ने कहा कि आज लोगों को एक पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। जल के टैंकर और ट्रेन से जल प्राप्त करने के लिये घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है। जल संकट हमारे पूरे दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है। इसलिये इसके संरक्षण के लिए प्राथमिकता से ध्यान देने की जरूरत है। इस मौके पर लेफ्टिनेंट अशोक त्रिपाठी, कामेश सिंह, सूबेदार मेजर दीपेंद्र आले, सूबेदार केसर सिंह, रेशम थापा, सुरेश एक्का, राकेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह उपस्थित रहे। सुर सरिता की ओर से गल्ला मंडी स्थित कार्यालय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि पानी बचाना हम सभी लोगों का दायित्व है। एक बूंद पानी का मोल हम सभी को समझना चाहिए। आज हम पानी के महत्व को नहीं समझे तो एक दिन ऐसा आएगा की लोगों को पानी की एक - एक बूंद के लिए तरसना होगा। इस अवसर पर डॉ. गौतम दयाल, डॉ. राजकुमार गुप्ता, राज कुमार जायसवाल, रंजन शाह, चंद्रेश्वर जायसवाल, सौरभ केसरवानी, दीपक पाल, आकाश पांडेय, वाचस्पति साहू, छोटू पटेल, भीम मोदी, शाहिल जायसवाल, ब्रजेश गुप्ता, मधु सिंह, सुनंदा सिंह, किरन कुमारी, डाली भाटिया, रीमा कुमारी उपस्थित रहे। संचालन अशोक सिद्धार्थ केसरवानी ने की। नौगढ़ संवाददाता के अनुसार वरुन संस्था की ओर से कस्बा स्थित कार्यालय पर आयोजित गोष्ठी में जल संरक्षण पर जोर दिया गया। संस्था के सचिव डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि पूरा विश्व पेयजल संकट से जूझ रहा है। यदि हम आज नहीं संभले तो जीवन सुरक्षित नहीं रहेगा। अनकहा कि समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। गोष्ठी में रामकृत, चंद्रशेखर, पप्पू, भवन, विनोद
रहे।