सीओ जियाउल हक की हत्या के मामले में पकड़े गए सातों आरोपियों की पांच दिन की रिमांड मिल जाने के बाद सीबीआई पूरे घटनाक्रम के साथ ही मौक पर मौजूद अन्य लोगों के बारे में पूरी जानकारी जुटाने के लिए विस्तार से पूछताछ करेगी।
अलग-अलग पूछताछ से हासिल जानकारी को जांच एजेंसी कड़ीबद्ध करेगी। सीबीआई इस मामले में हर उस व्यक्ति की जानकारी करना चाहती है जिसने सीओ पर हमला किया था।
जांच से जुड़े सीबीआई के अफसरों का कहना है कि मोटे तौर पर घटनाक्रम का पता लग गया है लेकिन इन आरोपियों से पूछताछ कर उनसे हालात की बारीक जानकारी मिल सकेगी। इन सभी से अलग-अलग पूछताछ की जाएगी और सबके बयानों का मिलान किया जाएगा।
सीबीआई ने इनसे पूछताछ के लिए अलग टीमें बनाई हैं।
सीबीआई का मानना है कि आरोपियों से पूछताछ में कुछ ऐसे तथ्य भी सामने आ सकते हैं, जिनके बारे में अभी तक पता नहीं लग सका है। साथ ही कुछ और लोगों के भी नाम पता लग सकते हैं जो सीओ के साथ मारपीट करने वालों में शामिल थे।
सीबीआई ऐसे सभी लोगों के बारे में जानकारी जुटाना चाहती है, जिन्होंने सीओ पर किसी तरह का भी हमला किया था। चाहे वह एक लाठी मारी गई या इससे अधिक। ऐसे सभी लोगों को भी बाद में गिरफ्तार किया जाना है।
सीबीआई के अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए घनश्याम सरोज, राम लखन गौतम, राम आसरे उर्फ पांडे सरोज, शिवराम पासी, छोटे लाल यादव व मुन्ना पटेल के साथ राजा भैया के बेती तालाब पर गार्ड का काम करने वाला बुल्ले पाल की भूमिका सीओ जियाउल हक पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला करने की पाई गई है।