बुलंदशहर। जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब लोगों को तहसील और नगर पालिका कार्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे। इसके लिए जल्द ही जिले के निजी अस्पतालों को यूनिक आईडी जारी की जाएगी।
इसके बाद अस्पताल के स्टाफ की ओर से ही जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया जाएगा। इसके बाद निकाय और ब्लॉक अधिकारियों की ओर से इस पर डिजिटल हस्ताक्षर किए जाएंगे।
जिले में प्रतिमाह औसतन 10 हजार जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदन किया जाता है। वर्तमान प्रक्रिया के तहत बच्चा पैदा होने के एक माह के अंदर संबंधित अस्पताल की ओर से नगर निकायों को सूचना भेजी जाती है। इसके आधार पर नगर पालिका अधिकारी सीधे प्रमाण पत्र जारी कर देते हैं।
जबकि एक वर्ष की अवधि तक सीएमओ कार्यालय और इसके बाद एसडीएम कार्यालय में आवेदन करना पड़ता है। एसडीएम कार्यालय से नगर निकाय दस्तावेज जांच के लिए भेजे जाते हैं।
इसके बाद जांच रिपोर्ट के साथ दस्तावेज एसडीएम कार्यालय भेजे जाते हैं। जहां से नगर निकाय अधिकारियों को प्रमाण पत्र जारी करने की कार्रवाई की जाती है। अब शासन की ओर से इसमें बदलाव करने की तैयारी की जा रही है। योजना के तहत जिले के सभी निजी अस्पतालों को एक यूनिक आइडी जारी की जाएगी।
प्रसव के समय आवश्यक दस्तावेज लेकर अस्पताल के स्टाफ की ओर से ही जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया जाएगा। इसके बाद आवेदन पर ऑनलाइन माध्यम से नगर निकायों के अधिकारी इस पर अपनी रिपोर्ट लगाएंगे। इससे जन्म प्रमाण पत्र बनाने में लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा।
नगर पालिका अधिशासी अधिकारी डाॅ. अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। जल्द ही आवश्यक कार्रवाई करते हुए लोगों को राहत दिलाई जाएगी।