बुलंदशहर। मतदाता सूची में दर्ज डाटा में त्रुटियों का संशोधन कराने के लिए अब मतदाता सीधे बीएलओ को दस्तावेज जमा करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें नामित सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास दस्तावेज जमा कराने के लिए नहीं जाना होगा। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान जनपद में 4.25 लाख मतदाताओं के डाटा में त्रुटि मिली थी।
1.80 लाख मतदाताओं का वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं होने व भौतिक सत्यापन नहीं होने पर उन्हें नो मैपिंग की श्रेणी में चिह्नित किया था। मतदाता सूची में डाटा में त्रुटि मिलने वाले मतदाताओं, नो मैपिंग मतदाताओं को सुनवाई के लिए नोटिस भेजे गए हैं।
इन मतदाताओं की सुनवाई के लिए जनपद की सातों विधानसभा में 117 सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। नामित अधिकारी तहसील, ब्लॉक व अपने सरकारी कार्यालय में बैठकर ऐसे सभी मतदाताओं की सुनवाई कर रहे हैं।
मतदाता सूची में मतदाता के नाम, माता, पिता के नाम या अन्य किसी प्रकार की त्रुटि का संशोधन कराने के लिए नोटिस भेजे गए हैं।
इसके लिए मतदाताओं को त्रुटिरहित दस्तावेज जमा कराने होंगे। वहीं, नो मैपिंग मतदाताओं को वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर पारिवारिक रिश्ते का प्रमाण देना होगा, या निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य जन्म प्रमाणपत्र, मूल निवास प्रमाणपत्र अन्य दस्तावेज देना होगा।
मतदाता सूची के डाटा में संशोधन कराने के लिए निर्वाचन आयाेग ने मतदाताओं को सहूलियत देते हुए दस्तावेज को बीएलओ के पास ही जमा करने की सुविधा दी है। जबकि नो मैपिंग मतदाताओं को अभी भी सुनवाई के लिए नामित सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के यहां ही दस्तावेज जमा करने होंगे।
चार लाख तीन हजार 359 मतदाताओं का सूची से हटाया नाम : मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान जनपद में 57,086 मतदाता मृत मिले थे। वहीं 2,35,279 मतदाता स्थानांतरित पाए गए थे।
26,145 डुप्लीकेट वोट मिले थे। 77,098 मतदाता अपने दिए गए पते पर नहीं मिले थे। शेष मतदाताओं ने गणना पत्र नहीं भरा था। जिसके चलते चार लाख तीन 359 मतदाताओं को मार्क अनकलेक्टेबल की श्रेणी में रखा गया था और उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे। जिसके बाद जनपद में मतदाताओं की संख्या 22,60,349 रह गई थी।