प्रदेश सरकार एक ओर शहरों में 24 और गांवों में 18 घंटे बिजली देने का वादा कर रही है, वहीं जिले के 94 गांवों में विद्युत विभाग बिजली पहुंचा तक नहीं सका है। घर घर रोशनी पहुंचाने का दावा करने वाली पावर कारपोरेशन की कई योजनाएं संबंधित गांवों में घरों का अंधियारा दूर नहीं कर सकीं।
इन गांवों में बिजली की वैध लाइन नहीं है। वहीं दूसरी ओर विभाग अब इन गांवों को दीनदयाल ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में शामिल करने की बात कर रहा है। अंधेरे में डूबे सबसे अधिक गांव सिकंदराबाद और अनूपशहर तहसील क्षेत्र में हैं। सिकंदराबाद में 17 और अनूपशहर के 16 गांवों में विद्युतीकरण नहीं है।
लखावटी, पहासू, शिकारपुर, स्याना, ऊंचागांव, अगौता, अरनिया, दानपुर, जहांगीराबाद और खुर्जा में भी ऐसे गांवों की संख्या खासी है जहां विभाग अभी तक लाइट नहीं पहुंचा सका। सरकारी व्यवस्था नहीं होने पर ग्रामीण जुगाड़ लगाकर नलकूप की लाइन से किसी तरह काम चला रहे हैं।
कई ग्रामीणों ने सोलर पैनल तक लगे रखे हैं। पावर कारपोरेशन ने 94 गांवों को विद्युतीकरण के लिए दीनदयाल ग्रामीण ज्योति योजना में चयनित कर लिया है। विभाग का दावा है कि जल्द ही अधिकांश गांवों में काम शुरू हो जाएगा। सिकंदराबाद के वैर बादशाहपुर और नगला गोविंदपुर नलकूप की लाइन से रोशन हैं। घरेलू बिजली गांव में नहीं है।
जिले के 94 गांवों को दीनदयाल ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में शामिल कर लिया गया है। गांवों में विद्युतीकरण के लिए उपकरण भी भेजे जा रहे हैं। जल्द ही इन गांवों को विद्युतीकरण हो जाएगा।
- ओपी यादव, एसई, पावर कारपोरेशन
इन गांवों नहीं बिजली
ब्लॉक गांव
लखावटी 03
पहासू 04
शिकारपुर 06
सिकंदराबाद 17
स्याना 02
ऊंचागांव 08
अगौता 03
अनूपशहर 16
अरनिया 01
दानपुर 10
जहांगीराबाद 09
खुर्जा 06
विद्युतीकरण के लिए केंद्र सरकार ने दो वर्ष पूर्व 351 करोड़ रुपये जिले को दिए थे। सूबे में दूसरी सरकार थी। इसलिए काम धीमी गति से हुआ। फिलहाल कार्य प्रगति पर है। 2019 से पहले बुलंदशहर के एक एक गांव में पंडित दीनदयाल उपाध्याय विद्युतीकरण योजना के तहत बिजली पहुंचा दी जाएगी।- भोला सिंह, सांसद, बुलंदशहर