बच्चों को बचाने के लिए मां ने लगाई गंगा में छलांग, एक बच्चे के साथ डूबी
अनूपशहर। एक मां ही होती है, जो अपने जिगर के टुकड़े के लिए अपनी जान पर भी खेल सकती है। रविवार को एक बार फिर यह कहावत चरितार्थ हुई जब गंगापुल के निकट स्नान के दौरान दो मासूम डूबने लगे तो उनकी मां ने अपनी जान की फिक्र किए बिना गंगा में छलांग लगा दी। लोगों ने एक मासूम को तो बचा लिया, लेकिन मां और एक पुत्र का कुछ पता नहीं लग सका है। जिनकी तलाश में गोताखोर और फ्लड प्लाटून रेस्क्यू अभियान चला रही है।
थाना शिकारपुर के गांव फरीदपुर हवेली निवासी पंकज शर्मा अपनी पत्नी गीता व तीन बच्चों 12 वर्षीय नितिन, दस वर्षीय हर्ष व दो वर्षीय पुत्री खुशी के साथ बहजोई जिला संभल एक रिश्तेदारी में गए थे। जहां रविवार शाम को वह अपने ई-रिक्शा से गांव लौट रहे थे। अनूपशहर गंगापुल पर पहुंचने पर बच्चों ने गंगा स्नान की इच्छा जाहिर की। इस पर पंकज ई-रिक्शा लेकर पुल के नीचे पहुंच गए। पंकज नहाने के लिये कपड़े निकालने लगा। इसी दौरान गंगा नहाने की जल्दबाजी में पुत्र हर्ष ने गंगा में छलांग लगा दी। गंगा के तेज बहाव में हर्ष डूबने लगा। जिसे बचाने के लिए दूसरे भाई नितिन ने भी छलांग लगाई। दोनों को डूबता देख मां गीता भी गंगा में बच्चों को बचाने के लिये कूद पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों ने डूबते नितिन को बचाने में कामयाबी हासिल कर ली। लेकिन गीता व हर्ष लापता हो गये। मां बेटा के गंगा में डूबने की सूचना परिजनों व पुलिस तथा प्रशासन को दी गई। जिस पर पुलिस ने स्थानीय तैराकों के माध्यम से तलाशी शुरू करा दी। एसडीएम पदमसिंह ने सीओ को पीएसी फ्लड प्लाटूून की टीम को तलाशी के लिए गंगापुल पर भेजने के निर्देश दिए हैं। अहार में तैनात पीएसी की टीम तत्काल अनूपशहर गंगापुल पर पहुंची और तलाशी शुरू कर दी। देर शाम करीब आठ बजे तक लापता मां बेटा नहीं मिले हैं। परिजन व पुलिस मौके पर मौजूद है।