चोला क्षेत्र के गांव लुहाकर में नमकीन की पैकिंग करती महिलाएं। संवाद
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन ग्रामीण से संचालित स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं चोला क्षेत्र के कई गांवों की महिलाएं नमकीन व मसाले बनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। महिलाओं का दावा है कि उनके द्वारा तैयार नमकीन व मसालों की मांग लगातार बढ़ रही है।
चोला क्षेत्र के गांव गांगरौल, शाहपुर कलां व लुहाकर में स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं महिलाएं काफी समय से नमकीन व मसाले बनाने का काम कर रही हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं सुशीला, संतोष और प्रीति का कहना है कि क्षेत्र के गांवों में अधिकतर महिलाएं कोई न कोई काम कर कमाई कर रही हैं। कोई सिलाई तो कोई दोना-पत्तल व डिस्पोजल ग्लास बना रही हैं। इस समय नमकीन व मसाले बनाने का काम बड़े स्तर पर चल रहा है।
इस कार्य से 120 से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। यह सभी महिलाएं खुद नमकीन और मसाले तैयार कर उनकी पैकिंग कर बाजार से लेकर अलग-अलग स्थानों पर भेज रहीं हैं। खास बात यह है कि नमकीन व मसालों को तैयार करते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है।
इनको बेचने के लिए उनके परिवार के पुरुष भी मदद करते हैं। नमकीन व मसालों की सबसे अधिक मांग गांव की दुकानों के अलावा होटल व ढाबों पर हैं। कई बार स्थिति यह हो जाती है कि मांग भी पूरी नहीं हो पाती।
उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन ग्रामीण के उपायुक्त सूबेदार सिंह ने बताया कि नमकीन व मसाले तैयार करने वाली महिलाओं का सहयोग किया जा रहा है। कई महिलाओं ने मशीनों की मांग की है। इसके लिए उन्हें मशीन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।