फ्रेट कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत जमीन के उचित मुआवजे की मांग को लेकर 12वें दिन किसानों के साथ-साथ उनके परिवार की महिलाएं और बच्चे भी धरने पर बैठ गए। प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए किसानों ने कहा कि वह अपने हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे। चाहे इसके लिए कुछ भी क्यों न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होती हैं, कॉरिडोर का काम शुरू नहीं होने देंगे। फ्रेट कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत जमीन का उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर मैना मौजपुर गांव में धरने पर बैठे किसानों का गुस्सा प्रशासन के खिलाफ बढ़ता जा रहा है।
रविवार को 12वें दिन किसानों के परिवार की महिलाएं और मासूम बच्चों ने भी धरना दिया और शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने का संचालन करते हुए किसान नेता सुग्रीव सोलंकी ने कहा कि अपना हक मांगने के लिए मासूम बच्चे और महिलाएं तक धरने पर बैठ गए हैं। इसके बावजूद भी शासन प्रशासन का दिल नहीं पसीज रहा।
उनका कोई भी नुमाइंदा यहां तक नहीं आया। प्रशासन सोच रहा है कि किसानों की मांग पूरी किए बिना ही काम चल जाएगा, लेकिन ऐसा हरगिज नहीं होने देंगे। इंद्रमणि शर्मा ने कहा कि जब तक किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलता वह अपना आंदोलन जारी रखेंगे। विनोद चौधरी ने कहा कि किसान भोला जरूर है लेकिन इतना भी नहीं कि मुफ्त में अपनी जमीन दे दें।
अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आगे की रणनीति तैयार कर आंदोलन तेज किया जाएगा। धरने पर महिलाओं में मंजू देवी, गंगादेई, संतोष देवी आशादेवी, कमला आदि के अलावा नवल सिंह, पंकज सोलंकी, पूरन सिंह, सौरभ सिंह, शिव कुमार, बालक राम, देवेन्द्र चौधरी, महेन्द्र सिंह, प्रेम सोलंकी, रुदत्त, भानचंद्र आदि रहे।