आगे चल रहे बेटे को बचाने के प्रयास में मां अपने गोद के बच्चे के साथ मालगाड़ी की चपेट में आ गई। ट्रेन से कटकर मां व दोनों बच्चों की मौत हो गई।
देर शाम उसकी शिनाख्त दनकौर थानाक्षेत्र के गांव कनारसी निवासी सुनीता पत्नी सुशील के रूप में हुई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
हादसे के वक्त आईजी रेलवे इलाहाबाद एलजी एंटनी देव कुमार अपने दौरे के चलते स्टेशन पर ही मौजूद थे।
शकूर बस्ती से दनकौर को चलने वाली सवारी गाड़ी 1.50 पर दनकौर रेलवे स्टेशन पर पहुंची। यात्री लेखराज, उग्रसेन,संदीप, प्रेम, मतीन अहमद, आकाश ने बताया कि उनके साथ एक महिला स्टेशन पर उतरी।
महिला के साथ दो बच्चे थे। एक बच्चा करीब तीन वर्षीय महिला के साथ पैदल चल रहा था। दूसरा बच्चा करीब डेढ वर्षीय महिला की गोद में था।
यात्रियों ने बताया कि महिला बच्चों के साथ रेलवे ट्रैक पार कर दनकौर की ओर जा रही थी। इसी दौरान महिला के साथ पैदल चल रहा बच्चा दौड़कर रेलवे ट्रक पर आ गया।
ट्रैक पर अलीगढ़ से दिल्ली की ओर मालगाड़ी को आता देख महिला घबराकर गई। बच्चे को बचाने के प्रयास में महिला अपने गोद के बच्चे के साथ मालगाड़ी की चपेट में आ गई।
हादसे में मां व दोनों बच्चों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस व जीआरपी ने शवों की शिनाख्त कराने का प्रयास किया।
देर शाम उसकी शिनाख्त दनकौर थानाक्षेत्र के गांव कनारसी निवासी सुनीता पत्नी सुशील के रूप में हुई। उसके बच्चों की शिनाख्त तीन वर्षीय बेटे मोंटी और डेढ़ वर्षीय बेटे कुनाल के रूप में हुई।
उसकी शिनाख्त देर शाम पहुंचे उसके पति सुशील ने की।