नरसेना। थाना क्षेत्र के गांव फरीदा बांगर में एचटी लाइन का तार टूटकर खेत में गिर गया। धान की रोपाई के लिए पौध निकाल रही सात महिलाएं करंट की चपेट में आ गईं। इनमें से दो की हालत गंभीर है। उन्हें जिला अस्पताल रेफर दिया गया है। गुस्साए ग्रामीणों ने दौलतपुर कलां बिजलीघर पर हंगामा किया। ग्रामीणों को देख बिजलीकर्मी भाग गए। जर्जर तार बदलवाने के आश्वासन पर लोग शांत हुए। देर शाम तक विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांवों में आपूर्ति ठप थी।
नरसेना क्षेत्र के गांव फरीदाबांगर में सोमवार सुबह बबलू सिंह के खेत में धान की रोपाई की जा रही थी। गांव निवासी सात महिलाएं धान की रोपाई के लिए पौध निकाल रही थीं। इसी दौरान ऊपर से गुजर रहा 11 हजार केवीए हाईटेंशन लाइन का तार टूट कर खेत में गिर गया। करंट लगने पर वीरेश, कुंती, कविता, रीना और सरोज किसी तरह खेत से भाग कर बाहर निकलीं। जबकि राजकुमारी और गुड्डी खेत में ही तड़पती रहीं।
आरोप है कि सूचना देने के काफी देर बाद तक भी बिजली नहीं काटी गई। ग्रामीणों ने किसी तरह महिलाओं को खेत से बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। वहां से दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
बिजलीघर पर हंगामा कर रहे लोगों को नायब तहसीलदार मुन्ने खां और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने समझाया। सूचना पर विद्युत विभाग के एसडीओ कृष्ण नंदन मौके पर पहुंचे और जर्जर लाइनों को जल्द सही करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
आए दिन हो रहे हादसे
जनपद में हाईटेंशन लाइन के तार टूटकर गिरने और पेड़ों से सटकर जा रहे तारों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। शनिवार को नरौरा क्षेत्र में एक युवक आम तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ा और हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से झुलस गया। इसके अलावा करीब तीन माह पूर्व डिबाई क्षेत्र में ही खेत पर काम कर रही महिला पर हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिर गया था। जिसके चपेट में आने से उनकी मृत्यु हो गई थी। जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र में भी करीब आठ माह पूर्व खेत पर गए किसान की हाईटेंशन लाइन का तार टूट कर गिरने से उसकी चपेट में आने से मौत हो गई थी।
किसानों ने की तार बदलने की मांग
बुगरासी। किसानों ने जर्जर विद्युत तारों को बदलने और इनके नीचे गार्डनिंग की मांग की है। किसान जगदीश राणा, जसवंत सिंह चौहान, दीपक त्यागी, अनिल कुमार आदि ने बताया कि क्षेत्र में अनेक खेतों के ऊपर से विद्युत लाइन गुजर रही है। तारों के नीचे गार्डनिंग नहीं है। इससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत ग्रुप के प्रदेश सचिव कैप्टन बिशनपाल सिंह ने कहा कि फरीदा बांगर की घटना ऊर्जा निगम की लापरवाही का नतीजा है। ऊर्जा निगम को पीड़ितों का इलाज कराने के लिए परिजन को मुआवजा देना चाहिए। खेतों के ऊपर गुजर रही विद्युत तारों की तत्काल गार्डनिंग शुरू कराई जाए। खेतों के ऊपर से गुजर रहे तारों का उचित उपाय नहीं किया गया तो भाकियू ऊर्जा निगम के खिलाफ प्रदर्शन करेगी।