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गन्ने की 45 फीसदी फसल सफेद गिंडार की चपेट में

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गन्ने की 45 फीसदी फसल सफेद गिंडार की चपेट में
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बुलंदशहर। जिले में इस बार अच्छी बारिश न होने के कारण गन्ने की 45 फीसदी फसल सफेद गिंडार की चपेट में आ चुकी है। इससे फसल को 70 फीसदी नुकसान की संभावना है। गुलावठी और सिकंदराबाद में इसका असर सबसे अधिक है। इससे मक्का व ज्वार की फसल भी प्रभावित हो रही है। फसल को इस कीड़े से बचाने के लिए केवीके और फार्मर संस्था गाजियाबाद ने शुरूआत कर दी है।
कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक फसल सुरक्षा डॉ. रीशु सिंह ने बताया कि इस बार बारिश कम होने के कारण गन्ना समेत मक्का और ज्वार की फसल सफेद गिंडार की चपेट में आ गई है। फसल का निरीक्षण करने पर पता चला है कि इस कीड़े का प्रकोप पूरे जिले में है, जबकि गुलावठी और सिकंदराबाद में सबसे अधिक देखने को मिला है। सफेद गिंडार एक कीड़ा है और यह मिट्टी के अंदर रहता है। यह हजारों अंडे देता है और इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे फसल को बचाने के लिए किसी तरह की दवाई भी असर नहीं करती है। किसान दवा लगाता है तो यह दिखाई नहीं देता तो समझ लेता है कि नष्ट हो गया लेकिन ऐसा नहीं होता और यह कीड़ा दवा लगाने पर मिट्टी के नीचे चला जाता है। दवा का असर कम होते ही फिर वापस ऊपर आ जाता है और फिर अंडे देना शुरू कर देता है। इसे नष्ट करने के लिए किसान जैविक नियंत्रण का प्रयोग कर सकते हैं। इसका पाउडर मिट्टी में मिलाकर बिखेर दिया जाए तो कीड़ा बीमार हो जाते हैं। बीमार कीड़े दूसरे के संपर्क में आने से वह भी बीमार होकर मर जाते हैं। उन्होंने बताया कि इससे फसल को बचाने के लिए केवीके ने फार्मर संस्था गाजियाबाद के साथ काम शुरू किया है। फसल का निरीक्षण किसानों को इस कीड़े से बचाने की जानकारी दी जा रही है, ताकि कुछ हद तक होने वाले नुकसान को बचाया जा सके। बता दें कि जिले में इस बार 74 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में गन्ने की फसल है।
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नवंबर तक रहेगा असर, आलू की फसल भी होगी प्रभावित
वैज्ञानिकों के अनुसार इस कीड़े का असर नवंबर माह से तक रहेगा। यह कीड़ा मई माह में सक्रिय होता है। इसके बाद अच्छी बारिश होती है तो इसका असर कम हो जाता है। लेकिन इस बार अभी तक अच्छी बारिश न होने के कारण इसका असर नवंबर माह तक रहेगा। ऐसे में यह कीड़ा आलू की फसल को भी प्रभावित करेगा।
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