जनपद की विद्युत उत्पादन क्षमता में बेशक तेजी से वृद्धि हो रही हो, लेकिन इसका असर अगले साल से ही देखने को मिलेगा। बहुत मुश्किल है कि उपभोक्ताओं को इस बार गर्मियों में बिजली की कटौती से निजात मिल सके।
दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना और इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट योजना के अंतर्गत जिले में 18 बिजलीघरों का निर्माण कराना प्रस्तावित है। इसके अलावा जिले के 16 बिजलीघरों की क्षमता में वृद्धि की जाएगी।
करीब 200 एमवीए की क्षमता के 18 बिजलीघरों का निर्माण होगा तो 16 बिजलीघरों की 50 एमबीए क्षमता बढ़ाई जाएगी। इन बिजलीघरों को अगले साल से ही शुरू किया जा सकेगा। चुनावी साल में उपभोक्ताओं को कटौती झेलनी होगी।
वहींे, विद्युतीकरण समस्याओं के निस्तारण के लिए माननीय जिलाधिकारी को प्रस्ताव देंगे। सभासद से लेकर सांसद तक इसके लिए अपने प्रस्ताव 31 मई तक दे सकेंगे।
31 मई के बाद
इन प्रस्तावों पर चर्चा कर काम कराया जाएगा। अधीक्षण अभियंता राकेश कुशवाहा ने बताया कि सभी माननीय 31 मई तक जिलाधिकारी के माध्यम से प्रस्ताव दे सकते हैं।