अब काली नदी को गंदा करने वाले नालों को चिंहित करके बंद कराया जाएगा। डीएम ने काली नदी के किनारे वाले निकायों के अधिशासी अधिकारियों से नदी में गिरने वाले गंदे नालों की सूची मांगी है। काली नदी में गंदे पानी को गिरने से रोकने के लिए कार्य योजना बनाने का आदेश डीएम ने दिया है।
काली नदी मेें आवास विकास कालोनी, इस्लामाबाद और ऊपरकोट क्षेत्र समेत जिले में जगह जगह गंदे नाले गिर रहे हैं। रोजाना बस्तियों का सैकड़ों गैलन गंदा पानी काली नदी में बहाया जाता है। इससे नदी जहरीली हो चुकी है। इसका असर पेयजल पर पड़ने लगा है।
जल निगम के मुताबिक कुछ नलकूपों का पानी काली नदी के कारण पीने लायक नहीं बचा है। इसके मद्देनजर काली नदी की हालत सुधारने के लिए डीएम आञ्जनेय कुमार ने संबंधित अधिशासी अधिकारियों से नदी तक जाने वाले गंदे नालों की सूची मांगी है। डीएम ने यह भी कहा कि गंदे नाले काली नदी तक न पहुंचे इसकी कार्य योजना 10 अगस्त तक बनाकर प्रस्तुत की जाए।
लापरवाह डॉक्टर-कर्मियों पर गिरेगी गाज
बुलंदशहर (ब्यूरो)। बुखार से पीड़ित महिला के अस्पताल में घंटों तड़पने के मामले में चिकित्सक-कर्मी फंस गए हैं। अमर उजाला की खबर पर सीएमओ ने संज्ञान लेते हुए एसीएमओ को दो दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। मामले में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्यॉय और स्वीपर पर गाज गिरनी तय है।
खुर्जा क्षेत्र के अरनिया निवासी मुन्नी पत्नी नन्नू खां पिछले चार दिनों से बुखार से पीड़ित थीं। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे परिजन उन्हें लेकर मुनि स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। पति मुन्ना खां ने बताया कि काफी देर तक न तो किसी डॉक्टर और न ही किसी कर्मचारी ने उनकी सुध ली। कई घंटे पीड़ित महिला जमीन पर पड़ी तड़पती रहीं।
शुक्रवार को मामला अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद सीएमओ ने तत्काल एसीएमओ डॉ. ललित कुमार को जांच के निर्देश दिए। जांच रिपोर्ट दो दिन के भीतर देने के निर्देश दिए गए हैं। तय माना जा रहा है कि मामले में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्यॉय, स्वीपर पर गाज गिर सकती है। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि मामला गंभीर है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।