सिकंदराबाद में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते अनिरुद्ध आचार्य। संवाद
सिकंदराबाद। जहां पर भगवान की कथा होती है वहां कलयुग का प्रभाव नहीं होता, जिस तरह कोई चीज स्थायी नहीं है। इसी प्रकार कलयुग भी स्थायी नहीं होता, जहां पर बुराई होती है, वहीं पर कलयुग का वास होता है।
किशन तालाब के मैदान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को अनिरुद्ध आचार्य ने कथा के दौरान यह विचार रखे। अनिरुद्ध आचार्य ने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि कौरवों ने जुआ खेला था।
जुए ने उनका सर्वनाश कर दिया। शराब जहां होती है, वहां भी कलयुग का वास होता है। क्योंकि शराब बुद्धि को भ्रष्ट कर देती है। उन्होंने कहा कि जीवन में हमेशा चरित्रवान बनो।
इस मौके पर अंशु शर्मा, पंडित सचिन शर्मा, नितिन गर्ग, उज्जवल गोयल, वैभव गोयल, मनोज वर्मा, हनी कंसल आदि का सहयोग रहा। अनिरुद्ध आचार्य ने कहा कि धन की सबसे बड़ी बुराई है कि जब व्यक्ति के पास धन आता है तो उसका चरित्र चला जाता है।