बुलंदशहर। स्याना। एसडीएम साहब, कोरोना काल की 15 फीसदी फीस वापस करने की मांग करने पर स्कूल प्रधानाचार्य ने अभद्रता की। विरोध करने पर आरोपी ने बेटी को फेल कर दिया है। मामले में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह शिकायत स्याना एसडीएम मधुमिता सिंह के पास कस्बा निवासी व्यक्ति ने करते हुए कार्रवाई की मांग की।
शनिवार को जिले की सातों तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। डीएम सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने सदर तहसील में लोगों की शिकायतें सुनीं। मौके पर कुल 44 लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराई, इनमें से केवल तीन शिकायतों का ही निस्तारण किया जा सका। इस दौरान डीएम-एसएसपी ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर दी जाने वाली सक्षम बुक एवं 3 से छह आयु वर्ग के बच्चों को आठ-आठ वर्क बुक के सेट वितरित किए। डीएम ने आदेश दिए कि लंबित शिकायतों का एक सप्ताह में निस्तारित करते हुए रिपोर्ट दी जाए। स्याना तहसील में एसडीएम मधुमिता सिंह को शिकायत देकर नगर निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी बेटी नगर के एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल में कक्षा 11 की छात्रा है। कोविड महामारी के दौरान हाईकोर्ट के आदेशों के मुताबिक 15 फीसदी फीस वापस करने के लिए स्कूल के प्रधानाचार्य से शिकायत की थी, लेकिन न तो फीस वापस की गई और न ही फीस का समायोजन किया गया। आरोप है कि जब इसका विरोध किया तो स्कूल प्रधानाचार्य ने छात्रा को फेल कर दिया। फेल करने की शिकायत करने पर छात्रा के साथ छेड़छाड़ की गई। पीड़ित परिजनों ने बताया कि मामले में सीबीएसई के प्रभारी अधिकारी को भी शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसडीएम ने मामले में जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान सातों तहसील में कुल 174 शिकायतें आईं, जिनमें से मौके पर मात्र दस शिकायतों का निस्तारण किया गया। खुर्जा तहीसल में एसडीएम राकेश कुमार, शिकारपुर में एडीएम वित्त विवेक मिश्र और सिकंदराबाद तहसील में एडीएम प्रशासन डॉ. प्रशांत कुमार और डिबाई तहसील में एसडीएम प्रियंका की अध्यक्षता में लोगों की शिकायतें सुनीं गई।