गेहूं खरीद केंद्रों के मुकाबले मंडी में किसानों का ज्यादा भरोसा
बुलंदशहर। जनपद में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होने वाली है। इसके लिए खाद्य एवं विपणन विभाग ने क्रय केंद्र निर्धारित कर दिए हैं।अभी तक गेहूं खरीद के लिए विभाग के पोर्टल पर 3.5 लाख में से मात्र 2017 किसानों ने पंजीकरण कराया है। किसान नेताओं का दावा है कि कृषि कानूनोें के विरोध में किसान पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। किसान अपनी फसल मंडी में बेचने को ही तरजीह देंगे। उधर सरकारी अफसरों का कहना है कि गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करने के लिए वह किसानों को पंजीकरण कराने के लिए जागरुक करेंगे।
जनपद में इस बार 3.5 लाख किसानों ने करीब दो लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि पर गेहूं की फसल उगाई गई है। किसानों को बंपर पैदावार की उम्मीद है। एक अप्रैल से शुरू होने वाली गेेहूं की सरकारी खरीद के लिए जिले में 96 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद होगी। खरीद के 72 घंटे के भीतर किसान के खाते में पैसा भी पहुंच जाएगा। लेकिन सरकारी केंद्र पर गेहूं की बिक्री के लिए विभागीय पोर्टल पर किसानों का पंजीकरण जरूरी है। पंजीकरण एक मार्च से शुरू हो गए थे। विभागीय रिकार्ड के मुताबिक अभी तक मात्र 2017 किसानों ने ही पंजीकरण करवाया है। ऐसे में अफसरों की चिंता भी बढ़ने लगी है। अब विभागीय अधिकारियों ने किसानों से अधिक से अधिक पंजीकरण करवाने का आह्वान किया है।
जनपद में तहसीलवार अब तक हुए पंजीकरण
तहसील पंजीकरण की संख्या
सिकंदरबाद 198
बुलंदशहर 472
स्याना 353
अनूपशहर 170
डिबाई 146
शिकारपुर 278
खुर्जा 400
मेरठ मंडल में पहले स्थान पर बुलंदशहर
गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण में जनपद बुलंदशहर ही, नहीं मंडल के अन्य जनपदों में भी किसानों ने काफी कम संख्या में पंजीकरण करवाया है। सबसे अधिक 2017 किसानों द्वारा पंजीकरण करवाने पर जनपद मंडल में पहले स्थान पर है। मंडल के सभी जनपदों में अभी तक मात्र 1687 किसानों ने ही पंजीकरण करवाया है।
जनपद पंजीकरण की संख्या
बुलंदशहर 2017
गौतमबुद्धनगर 801
मेरठ 184
हापुड़ 167
बागपत 27
गाजियाबाद 26
पंजीकृत किसानों का होगा सत्यापन
खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त मनीष चौहान ने डीएम को अब तक पंजीकरण करवा चुके किसानों का सत्यापन कराने का आदेश जारी किया है। किसानों द्वारा दर्ज की गई समस्त जानकारी की जांच की जाएगी और रिपोर्ट बनाकर आयुक्त को भेजी जाएगी।
बोले किसान नेता
एक ओर सरकार कह रही है कि किसान अपनी फसल कहीं भी बेच सकता है। दूसरी ओर हरियाणा ने मना कर दिया है कि हम यूपी के किसानों का गेहूं नहीं खरीदेंगे। एक तो सरकार किसानों को गुमराह कर रही है। वहीं, दूसरी ओर किसानों में कृषि कानून के प्रति रोष है और इसके विरोध में वह अपना पंजीकरण नहीं करवा रहा है। - मांगेराम त्यागी, एनसीआर महासचिव भाकियू
क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण न कराकर किसानों ने सरकार को अपना विरोध जताना शुरू कर दिया है।कृषि कानून का हर किसान विरोध कर रहा है। जब तक यह कानून वापस नहीं होता तब तक विरोध चलता रहेगा। - ठॉ. धर्मेद्र सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष भाकियू महाशक्ति
जनपद में गेहूं बेचने के लिए इतना कम पंजीकरण चिंता का विषय है। पंजीकरण की बढ़ाने के लिए किसानों को जागरूक किया जाएगा। यदि किसानों ने पंजीकरण नहीं करवाया तो शासन की ओर से जारी होने वाले गेहूं खरीद के लक्ष्य को भी पूरा नहीं किया जा सकेगा। -जेया-ए-करीम, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
छह और नए क्रय केंद्र बनाए
बुलंदशहर। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी जेया-ए-करीम ने बताया कि जनपद में अब 106 क्रय केंद्र पर गेहूं की खरीद होगी। पहले 100 क्रय केंद्र बनाए गए थे, जबकि अब छह और नए क्रय केंद्र बना दिए हैं। यह क्रय केंद्र पीसीएफ को आवंटित किए गए हैं। पहले पीसीएफ को 81 क्रय केंद्र आवंटित किए गए, जो अब बढ़कर 87 हो गए हैं।