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12 हजार किसान करते रह गए गेहूं तौल का इंतजार

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खुर्जा मंडी में तौल के इंतजार में खड़ी गेहूं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली। - फोटो : BULANDSHAHR
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12 हजार किसान करते रह गए गेहूं तौल का इंतजार
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बुलंदशहर। जिले में संचालित क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेचने के लिए करीब 57 हजार किसानाें ने पंजीकरण कराया था, लेकिन आखिरी दिन मंगलवार तक 44,900 किसानों का ही गेहूं खरीदा जा सका। जबकि 12 हजार से अधिक किसान तौल का इंतजार करते रह गए।
आखिरी दिन 21 क्रय केंद्रों पर किसानों की लाइन लगी रही और तौल बंद होने पर उन्हें मायूस लौटना पड़ा। तौल नहीं होने पर किसानों में रोष है और उन्होंने शासन से गेहूं तौल के लिए समय बढ़ाए जाने की भी मांग उठाई है। जनपद में गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू हुई थी। इसके लिए 117 क्रय केंद्र संचालित किए गए। मंगलवार आखिरी दिन तक नौ मंडियों में 21 क्रय केंद्रों पर तौल जारी रही। जनपद में मंगलवार तक जारी रही गेहूं की खरीद रिकार्ड 151 लाख मीट्रिक टन से अधिक रही।
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बुलंदशहर : 25 किसानों की हुई तौल
नगर की अनाज मंडी में आखिरी दिन संचालित तीन क्रय केंद्रों पर तौल धीमी रही। यहां पर 40 से अधिक ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी मिली और किसान अपने गेहूं के तौल का इंतजार करते मिले। इनमें से करीब 25 किसानों के गेहूं की तौल नहीं हो सकी। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि क्रय केंद्र पर चहेतों का ही गेहूं तौला जा रहा है। किसानों ने शासन से समय बढ़ाने की मांग की है।
औरंगाबाद : सप्ताह बाद भी नहीं आया नंबर
मंडी में दो क्रय केंद्रों पर तौल तो हुई, लेकिन बारदाना कम होने के कारण किसानों का सप्ताह भर बाद भी नंबर नहीं आया। गेहूं तौल से वंचित रहे किसानों ने शासन से गेहूं तौल का समय बढ़ाने के साथ क्रय केंद्र संचालकों पर मनमानी का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि तौल में लापरवाही नहीं बरती जाती तो सभी किसानाें के गेहूं की तौल हो सकती थी।
शिकारपुर : अब तो मंडी में बेचना पड़ेगा गेहूं
मंडी में किसान अपने गेहूं की तौल का इंतजार करते मिले, लेकिन करीब 15 किसानों की तौल नहीं हो सकी। किसानों ने बताया कि दस दिन तक इंतजार करने के बाद भी नंबर नहीं आया। उनका कहना था कि अब तो मंडी में गेहूं कम रेट पर बेचना मजबूरी होगी। इससे नुकसान भी उठाना पड़ेगा। यहां के किसानों ने भी तौल की तिथि बढ़ाए जाने की मांग की।
खुर्जा : बिना तौल खड़ी रह गई 20 से अधिक ट्राली
आखिरी दिन खुर्जा मंडी में भी तौल जारी रही, लेकिन बिना तौल के 20 से अधिक ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी रह गई। कहना था कि एक ओर शासन किसान की आय दोगुनी करने की बात करता है। वहीं, दूसरी ओर गेहूं तौल का समय बढ़ा दिया और क्रय केंद्र कम कर दिए। ऐसे में क्षेत्र के सैकड़ों किसान अपना गेहूं क्रय केंद्र पर तौलने से वंचित रह गए। किसान की कोई सुनने वाला भी नहीं है।
बोले किसान
नहीं आया नंबर
दस दिन से मंडी में गेहूं लेकर इस आस में डटा हुआ था कि तौल हो जाएगी, लेकिन आखिरी दिन तक नंबर नहीं आया। अब तो मंडी में कम रेट पर ही गेहूं बेचना मजबूरी होगा। - जगवीर सिंह।
नहीं मिलेगा मूल्य
आस थी कि गेहूं का रेट 1975 रुपये मिल जाएगा। इसी आस में एक सप्ताह से मंडी में गेहूं लेकर रात-दिन काट रहा था। लेकिन अब अरमानों पर पानी फिर गया। अब गेहूं का पूरा रेट भी नहीं मिल सकेगा। - सुभाष शर्मा।
मंडी ही सहारा
एक ओर सरकार किसान की आय दोगुनी करने की बात करती है, वहीं किसान को अपनी फसल का लागत मूल्य नहीं मिल रहा। अब क्रय केंद्र बंद हो गए और गेहूं मंडी में बेचने पर नुकसान होगा। - सुखबीर सिंह।
अरमानों में फिरा पानी
किसान को आस रहती है कि उसे फसल का अच्छा दाम मिले। इसे लेकर ही पंजीकरण कराया था कि क्रय केंद्र पर गेहूं बेचकर फसल का पूरा दाम मिलेगा। लेकिन तौल का नंबर नहीं आया और फसल के दाम भी पूरे नहीं मिल सकेंगे। - किसान पिंटू।
करीब 250 रुपये प्रति क्विंटल होगा नुकसान
किसानों ने बताया कि अब मंडी में गेहूं बेचने पर करीब 250 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान झेलना पड़ेगा। क्रय केंद्र पर गेहूं का रेट 1975 रुपये प्रति क्विंटल था, जबकि मंडी में रेट 1720 से लेकर 1750 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है। किसानों को चिंता इस बात की है कि अब क्रय केंद्राें पर तौल बंद होने से मंडियों में गेहूं का दाम और भी कम हो सकता है।
शासनादेश के तहत मंगलवार गेहूं खरीद बंद हो गई। गेहूं खरीद के लिए शासन की ओर से कोई समय नहीं बढ़ाया गया है। जनपद में गेहूं बेचने के लिए करीब 57 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 44,900 किसानों का गेहूं खरीद लिया गया है। जिन किसानों का भुगतान बकाया चल रहा है, उसे जल्द करवा दिया जाएगा। - जेया-ए-करीम, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी।
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कांग्रेस ने बंद पड़े क्रय केंद्र पर दिया धरना
बुलंदशहर। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अगौता ब्लाक के गांव लुहारली में बंद पड़े गेहूं क्रय केंद्र पर धरना दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौधरी श्यौपाल सिंह ने शासन से क्रय केंद्रों पर गेहूं तौल करवाने की मांग की। प्रदेश सचिव और जिला प्रभारी डॉ. शुएब ने कहा है कि योगी सरकार में किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। फसल को खरीदा नहीं जा रहा और सरकारी मशीनरी के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। इस दौरान अगौता थाना प्रभारी को लोगों की समस्याएं दूर करने की मांग का ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर सुशील चौधरी, शकील अहमद, संजय शर्मा, शाहिद मेवाती, इजराइल गहलोत, मुनीर अकबर, आरिफ कुरैशी और प्रशांत बाल्मीकि आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।
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