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दो दिन बचे शेष, क्रय केंद्रों पर डटे हैं किसान

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गुलावठी मंडी में मच्छरदानी लगाकर सोता किसान। - फोटो : BULANDSHAHR
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दो दिन बचे शेष, क्रय केंद्रों पर डटे हैं किसान
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बुलंदशहर। गेहूं खरीद के अब सिर्फ दो दिन शेष बचे हैं, लेकिन किसानाें की दुश्वारियां कम नहीं हो सकी हैं। एक ओर जहां अफसर लगातार तौल जारी रहने का दावा कर रहे हैं, वहीं किसान कई दिन से क्रय केंद्रों पर डटे हैं और नंबर नहीं आने पर उनमें रोष है। किसान का कहना है कि दिन-रात काटना मुश्किल हो गया है और चिंता भी लगातार बढ़ रही है कि 22 जून तक तौल का नंबर आएगा या नहीं। वहीं, दूसरी ओर अफसरों का कहना है कि रविवार होने के कारण तौल नहीं हो सकी, सोमवार को तौल शुरू हो जाएगी।
बता दें कि जनपद में अब नौ मंडियों के 21 क्रय केंद्रों पर ही तौल हो रही है। यहां पर किसान बड़ी संख्या में अपने गेहूं तौल का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, जनपद में अभी तक 150 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद हो चुकी है। क्रय केंद्रों का जायजा लेने के लिए अमर उजाला ने क्रय केंद्रों का लाइव किया।
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सीन- 1
तौल के इंतजार में मच्छरदानी लगाकर रात काट रहे किसान
रविवार को गुलावठी स्थित क्रय केंद्र पर तौल नहीं हो रही थी। पांच-छह किसान मंडी में अपने गेहूं की तौल कराने का इंतजार करते मिले। एक किसान मच्छरदानी में सो रहा था। किसानों ने बताया कि शेड बोरियों से अटा पड़ा है और उठान नहीं हो रहा। गेहूं की तौल भी धीमी चल रही है। कई-कई दिन से हम अपने गेहूं के तौल का इंतजार कर रहे हैं। अब चिंता यह है कि गेहूं तौल के लिए दो दिन शेष बचे हैं।
सीन - 2
किसान की कोई सुनने वाला नहीं
अनूपशहर मंडी में दो-तीन किसान अपने गेहूं के साथ मिले। किसानों ने बताया कि तौल बंद है और हम तौल का इंतजार कर रहे हैं। शेड गेहूं की बोरियों से भरे पड़े हैं और उठान नहीं हो रहा। यदि किसी अधिकारी से तौल के बारे में संपर्क किया जाता है तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाता है। ऐसे में किसान अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है।
सीन- 3
सात दिन पहले गेहूं लेकर आए पर नहीं आया नंबर
शिकारपुर मंडी में किसानाें के गेहूं से भरे ट्रैक्टर-ट्राली खड़े मिले। मंडी के शेड में 10 से 12 किसान अपने गेहूं की तौल का इंतजार करते मिले। किसानों ने बताया कि हम पांच से सात दिन पहले अपना गेहूं लेकर आए थे, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया है। रविवार होने के कारण आज तौल बंद है। दिन-रात काटनी मुश्किल हो गई और बारिश से किसी तरह अपना गेहूं भीगने से बचाने को मजबूर हैं। इस बात की भी कोई गारंटी नहीं कि तौल का नंबर आएगा या नहीं।
सीन- 4
क्रय केंद्र पर धीमी चल रही तौल, कोई सुनने वाला नहीं
सिकंदराबाद मंडी में दस से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली गेहूं से भरी मिली। अपने गेहूं की तौल के इंतजार में मिले किसानाें ने बताया कि हम पिछले चार से छह दिन से गेहूं तौल का इंतजार कर रहे हैं। क्रय केंद्र पर तौल धीमी चल रही है और कोई भी हमारी सुनने को तैयार नहीं है। सरकार ने गेहूं तौल का समय तो बढ़ा दिया, लेकिन क्रय केंद्र कम कर किसानाें की परेशानी बढ़ा दी है। यदि जनपद में 117 क्रय केंद्रों पर तौल जारी रहती तो किसानाें को परेशानी नहीं होती।
बोले किसान
मैं सात दिन से अपना गेहूं लेकर गुलावठी मंडी में आया हूं। लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया है। किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। किसी को किसानों की समस्या से भी कोई लेना-देना नहीं है। - सोहनवीर, किसान।
पिछलेे पांच दिन से गेहूं लेकर शिकारपुर मंडी में हूं, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया है। अब दो दिन और तौल होगी, लेकिन नंबर नहीं आया तो मजबूरन कम कीमत पर गेहूं मंडी में बेचना पड़ेगा। - शिव कुमार, किसान।
पहले ग्रामीण क्षेत्र के क्रय केंद्र बंद कर किसानों की परेशानी बढ़ा दी। अब शिकारपुर मंडी में अपना गेहूं लेकर पहुंचे तो पिछले चार दिन से तौल का नंबर नहीं आया है। अफसरों का कहना है कि नंबर आते ही आपका गेहूं तौल लिया जाएगा।
- जितेंद्र सिंह, किसान।
इस बार आस थी कि गेहूं क्रय केंद्र पर बेचकर अच्छा दाम मिल जाएगा। लेकिन सिकंदराबाद मंडी में तौल लगातार नहीं चल रही है। ऐसे में किसान कई-कई दिन से अपने गेहूं की तौल होने का इंतजार करने के लिए मजबूर हैं। - किसान किरण पाल सिंह।
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नौ मंडियों के 21 क्रय केंद्रों पर 22 जून तक गेहूं की तौल जारी रहेगी। प्रयास रहेगा कि जो भी किसान क्रय केंद्र पर अपना गेहूं लेकर पहुंचे हैं। उन सभी के गेहूं की तौल की जाए। क्रय केंद्रों पर बारदाना भी पूरा है और क्रय केंद्र प्रभारियों को इस बारे में अवगत करवा दिया है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो क्रय केंद्रों पर पहुंचे सभी किसानों के गेहूं की तौल कर ली जाएगी।
- जेया-ए-करीम, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी।
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