‘शहीदों की कुर्बानी का कर्ज हम नहीं चुका सकते। उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाने वालों को सैनिकों की कुर्बानी याद रखनी चाहिए।’ अपने देशभक्ति वाले गीतों से धूम मचाने वाले गीतकार संतोष आनंद ने कुछ इस तरह से सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने वाले लोगों को रामलीला महोत्सव के मंच से फटकार लगाई।
इस मौके पर उनके गीतों पर आधी रात के बाद तक तालियां बजतीं रहीं। मौका था रामलीला महोत्सव के आखिरी दिन हुए कवि सम्मेलन का, जिसमें संतोष आनंद समेत कई नामी कवियों ने कविताएं पढ़ीं। सम्मेलन का शुभारंभ रामलीला कमेटी के संरक्षक शिवकुमार जटिया ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
प्रसिद्ध फिल्मी गीतकार संतोष आनंद ने जब ‘दिल दीवाने का डोला कश्मीर के लिए...’ गाया तो तालियों की गड़गड़ाहट से मंडप गूंज उठा। पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए संतोषानंद ने कहा कि पाक तेरे तीन टुकड़े होंगे, शहीदों की कुर्बानी जाया नहीं होगी।
हाल ही में भारत की ओर से पाक में सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर टीका टिप्पणी करने वालों को फटकारते हुए संतोष आनंद ने ‘हर देश भक्त मांगे कश्मीर के लिए’ जैसे गीतों के जरिए माहौल को देश भक्ति की भावना से भर दिया। इसके बाद ‘ एक प्यार का नगमा है..’ मौजों की रवानी है’ और ‘जिंदगी की न टूटे लड़ी, प्यार कर ले घड़ी, दो घड़ी’ आदि गीतों पर उन्हें खूब वाहवाही मिली।
इसके अलावा लाफ्टर सरदार प्रताप फौजदार ने अपनी हास्य कविताओं से गुदगुदाया। भ्रष्ट पुलिस कर्मियों पर जमकर प्रहार करते हुए कहा कि राजनेताओं के पैर छूता हूं, अब डर काहें, डॉ अनिल चौबे, डॉ रुचि चतुर्वेदी, युसुफ सलीम, डॉ रमेश, गजेन्द्र सोलंकी, आदि ने काव्य पाठ किया। चंद्रपाल साहनी, दीपक गर्ग, अजय शर्मा, पुनीत साहनी, बसंत आदि रहे।