बृहस्पतिवार को हुई बारिश ने नगर पालिका की पोल खोलकर रख दी है। पालिका अफसरों द्वारा किए जा रहे सफाई के दावे ध्वस्त हो गए। नालों की सफाई में खानापूर्ति का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। एक बार फिर बारिश से शहर जलमग्न हो गया।
जरा सी बारिश शहर को जलमग्न करने के लिए काफी है। बृहस्पतिवार को झमाझम हुई बारिश ने जहां भीषण गर्मी से लोगों को राहत दी तो वहीं शहरवासियों को मुसीबत में भी डाल दिया। नगर के कालाआम चौराहे, डीएम रोड, कलक्ट्रेट, कचहरी रोड, टीचर्स कालोनी, भूड़ रोड, साठा, जिला अस्पताल रोड, हाइड्रिल कालोनी आदि स्थानों पर काफी पानी भर गया।
नाले पूरी तरह चौक हो गए। नालों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा और कई जगह घरों में भी घुस गया। बारिश बंद होने के करीब पांच से छह घंटे बाद तक पानी निकल सका। साठा, इस्लामाबाद, आवास विकास समेत कई क्षेत्र ऐसे रहे, जहां घरों में भी पानी घुस गया।
लाखों में होती है सफाई
नाला सफाई पर पिछले वर्ष करीब 54 लाख रुपये खर्च किए गए। इस वर्ष भी 55 लाख रुपये के टेंडर नाला सफाई पर छोड़े गए हैं। पालिका अफसर हर बार दावे करते हैं कि नालों की सफाई बेहतर होगी, लेकिन यह दावे हवा-हवाई ही साबित होते हैं। जिन नालों की सफाई होती है। बारिश होने पर वही नाले चौक हो जाते हैं।
झमाझम हुई बारिश, पर उमस से राहत नहीं
बृहस्पतिवार दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश के बावजूद उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। बारिश के बाद निकली धूप ने तो लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। मौसम विशेषज्ञ अब लगातार बारिश होने का दावा कर रहे हैं।
जनपद के लोगों को मानसून की बारिश का कई दिनों से इंतजार है। इस समय धान की रोपाई का समय है। मानसून की बारिश न होने पर मौसम विशेषज्ञ भी असमंजस में दिखाई पड़ रहे हैं। दोपहर बाद बरसात से मौसम ठंडा होने की उम्मीद जगी।
बारिश के बाद निकली धूप ने उमस बढ़ा दी। यह बारिश फसलों के लिए फायदेमंद होगी। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 33 व न्यूनतम 27 डिग्री रहा, जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 31 व न्यूनतम 27 डिग्री रहने की संभावना जताई जा रही है।
अघोषित बिजली कटौती से शहरवासियों का बुरा हाल
बारिश में लोड कम होने के बावजूद लोगों को बिजली कटौती की किल्लत झेलनी पड़ रही है। नगर समेत जिलेभर की बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हैं तो वहीं बारिश से एक बार फिर नगर क्षेत्र लबालब हो गया। नाले चौक हो गए और जगह-जगह हुए जलभराव से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रातभर बिजली कटौती की जा रही है। इसके अलावा जहांगीराबाद, स्याना, सिकंदराबाद में 18 घंटे शेड्यूल के सापेक्ष महज 10 से 12 घंटे आपूर्ति की जा रही है। रोस्टर के समय इमरजेंसी रोस्टरिंग की जा रही है।
खुर्जा में 15 घंटे के सापेक्ष 10, गुलावठी, अनूपशहर, शिकारपुर, बुगरासी, बीबीनगर आदि में महज 7 से 8 घंटे की बिजली आपूर्ति की जा रही है। यह हाल तब है जब बारिश के कारण एग्रीकल्चर लोड काफी घट गया है। एग्रीकल्चर लोड घटने के बावजूद बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो पा रही है।