बुलंदशहर।
जिले में कभी नीम नदी में कल-कल पानी बहता था, लेकिन समय बदलने के साथ इसका अस्तित्व ही सिमट गया। इसे दोबारा पुनर्जीवित करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी की है। नदी विकास एवं गंगा संरक्षण-जल शक्ति अभियान के तहत इसकी सोमवार से शुरूआत होने वाली है। इसमें जनसमुदाय के साथ जीवन धारा नमामि गंगे फाउंडेशन का भी सहयोग लिया जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी कुलदीप मीना ने बताया कि नीम नदी को बचाने और उसको पुनर्जीवित करने के लिए नीम नदी नव-जीवन परियोजना नाम दिया गया है। इसमें जन सहयोग लिया जा रहा है और इसकी शुरूआत सोमवार से होनी है। स्याना क्षेत्र से शुरू होने वाले इस कार्य में लोग श्रमदान करेंगे। इसके साथ नदी का समतलीकरण और पौधरोपण भी किया जाएगा। इसके लिए एक समिति का गठन किया है। इस कार्य को पूरा करने के लिए जिन ब्लॉकों से नीम नदी गुजर रही है। उसी क्षेत्र के लोगों का सहयोग लिया जाएगा। इसमें जीवनधारा नमामि गंगे फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरिओम शर्मा का भी विशेष योगदान रहेगा। सोमवार को शुरू होने वाले इस कार्य से पहले ईश वंदना होगी। अतिथियों का स्वागत और नदी पूजन के बाद श्रमदान का काम शुरू होगा। इस दौरान डीएम सीपी सिंह समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
जिले के सात ब्लॉकों के 45 गांवों से होकर गुजरती है नीम नदी
नीम नदी जिले के सात ब्लॉकों बीबीनगर, स्याना, ऊंचागांव, जहांगीराबाद, अनूपशहर, डिबाई और दानपुर ब्लॉक से होकर गुजर रही है। इसके तटीय गांवों की संख्या 45 हैं। बीबीनगर ब्लॉक में आठ, स्याना में सात, ऊंचागांव में 10, जहांगीराबाद में तीन, अनूपशहर में आठ, डिबाई में एक और दानपुर ब्लॉक में आठ गांव पड़ते हैं।