13 घंटे में 85 मिलीमीटर बारिश, सड़क से घरों तक भरा पानी
बुलंदशहर। गर्मी से बेहाल लोगों को सोमवार को हुई झमाझम बारिश ने राहत पहुंचाई। सोमवार तड़के शुरू हुई बारिश से मौसम सुहाना हो गया। तापमान में भी तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। शाम चार बजे तक जनपद में 85 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से जहां लोगों को राहत मिली वहीं जलभराव से आफत भी हुई। सड़क से लेकर घरों तक जलभराव का नजारा हो गया। किसानों के चेहरे भी बारिश की बूंदों से खिल उठे।
तापमान कम होकर अधिकतम 29 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अद्रता 100 फीसदी हो गई और हवा की गति 8 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
वहीं, मौसम विशेषज्ञों ने 22 जुलाई तक लगातार बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिक रामानंद पटेल ने बताया कि सोमवार को जिले में पहली बार मानसून की झमाझम बारिश हुई है। सुबह से शुरू होकर चार बजे तक 85 एमएम बारिश दर्ज की गई।
फसलों को मिली संजीवनी
बारिश न होने के कारण खेतों में लग चुकी धान की फसल के साथ ईंख, ज्वार, मक्का, बाजरा समेत कई तरह की फसलें सूख रही थीं। अब झमाझम बारिश होने से धान समेत सभी फसलों को संजीवनी मिली है। किसान ओमप्रकाश, रविंद्र आदि ने बताया कि पूर्व में ट्यूबवेल चलाकर धान आदि की रोपाई की गई थी। अब पानी देने का समय आ गया था।
बारिश से राहत... जलभराव से आफत
बुलंदशहर। जिले में सोमवार को हुई मानसून की पहली झमाझम बारिश से शहर पानी-पानी हो गया। पालिका द्वारा किए गए नाला साफ-सफाई के दावे ध्वस्त हो गए और आधा दर्जन से अधिक कालोनियों में जलभराव हो गया। जगह जगह नाले चोक हो गए और सड़कों पर पानी भर गया। घरों से पानी को बर्तनों में भरकर निकाला गया। कई स्थानों पर घरों एवं दुकानों में पानी घुस गया। वहीं, नाला चोक होने के कारण गंदा पानी जिला अस्पताल परिसर तक पहुंच गया। इससे मरीजों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
इन जगह हुआ जलभराव
नगर के मुख्य चौराहा कालाआम, डीएम रोड, जिला अस्पताल रोड, कचहरी रोड, साठा, आनंद विहार, ईटारोड़ी, खुर्जा गेट पुलिस चौकी, टीचर्स कालोनी, चांदपुर रोड, ईदगाह रोड और सुंदरपुरी समेत अन्य कालोनियों में काफी समय तक जलभराव की समस्या बनी रही।
सीन एक - कालाआम चौराहा
शहर के मुख्य चौराहे से डीएम से लेकर अन्य प्रशासनिक अफसरों का आना-जाना लगा रहता है। लेकिन बारिश के दौरान चौराहा जलभराव में डूब जाता है। सोमवार को हुई मानसून की पहली बारिश के दौरान चौराहे पर जलभराव की समस्या सुबह से शाम तक बनी रही। लेकिन जिम्मेदार आंखे मूंदे बैठे रहे।
सीन दो - जिला अस्पताल रोड
पालिका से चंद कदमों की दूरी पर बने जिला अस्पताल परिसर में भी नाले का पानी पहुंचने से जलभराव की स्थिति बन गई। मुख्य द्वार पर जलभराव होने से वाहनों का आवागमन बंद हो गया। इससे अस्पताल गेट पर जाम की समस्या बन गई। वहीं, इस जाम में दो से अधिक एंबुलेंस भी फंसी नजर आई।
सीन तीन - चांदपुर रोड
चांदपुर रोड पर पिछले कई माह पूर्व अमृत योजना के तहत सीवर लाइन डालने का कार्य किया गया। लेकिन सीवर लाइन डालने के बाद सड़क निर्माण कार्य पूर्ण न होने के कारण सोमवार को हुई बारिश से जगह-जगह सड़क जमीन में धंस गई। जमीन धंसने से मार्ग से निकलने वाले वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सीन चार - औरंगाबाद प्राचीन मंदिर
नगर पंचायत द्वारा नालों की साफ-सफाई पर 29 लाख रुपये खर्च किए गए। लेकिन पहली ही बारिश में पंचायत के साफ-सफाई के दावे बह गए। बारिश से प्राचीन नागेश्वर शिव मंदिर के मुख्य गेट से लेकर मंदिर परिसर तक पानी भर गया। वहीं, मोहल्ला झब्बा कालोनी, गुली एवं सदर बाजार में दुकानों और मकानों में पानी जा घुसा। इससे कई लोगों को नुकसान हो गया। ईओ नवीन कुमार सिंह ने बताया कि चोक हुए नालों की शिकायत मिलने पर कर्मियों को भेजकर पानी को निकलवा दिया गया।