अनूपशहर/नरौरा। गंगा नदी के पानी में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले 24 घंटे में गंगा में डेढ़ फुट से ज्यादा पानी बढ़ गया। बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण सोमवार रात तक जलस्तर और बढ़ने का अनुमान है। जिला प्रशासन से सतर्कता बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं को घाट की सीढि़यों पर ही स्नान करने के निर्देश हैं।
बिजनौर बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण सोमवार को दिन में जलस्तर काफी बढ़ गया। बढ़ते पानी को देखकर लोग खासकर गंगा के खादर में खेती करने वाले किसान सतर्क हो गए। वह लगातार जलस्तर पर नजर रख रहे हैं और अधिकारियों के संपर्क में हैं। ताकि पानी अधिक बढ़ने पर वह खेतों से अपना सामान समेट लें।
नरौरा बैराज पर भी गंगा के पानी में इजाफा हाेने लगा है। सिंचाई विभाग हेड वर्क्स के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया की गंगा बैराज पर सभी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। गंगा नदी में सोमवार को पानी की कुल आवक बढ़कर 11102 क्यूसिक रही। जबकि रविवार को 9705 क्यूसेक आवक प्रति सेकंड हो रही थी।। बैराज की डाउन स्ट्रीम में 1727 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जबकि बैराज से निकली एलजीसी नहर में 7978 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। रविवार को बंद चल रही पीएलजीसी नहर में सोमवार को 1397 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। ताकि बैराज पर किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही लगातार दूसरे जिलों से संपर्क कर गंगा के बढ़ने वाले पानी की जानकारी प्राप्त की जा रही है।
अनूपशहर एसडीएम नवीन कुमार ने बताया कि गंगा के पानी में लगातार इजाफा हो रहा है। पानी घाटों की सीढि़यों तक पहुंच गया है। तहसील मुख्यालय पर बने बाढ़ कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नंबर 7088352320 लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है। बाढ़ चौकी प्राइमरी स्कूल, मुबारिकपुर बांगर, सिरौरा, शेरपुर, वन विभाग चौकी अहार अड्डा अहार एवं तहसील मुख्यालय से भी पानी पर निगरानी रखी जा रही है। आपदा राहत से जुड़े सभी अधिकारी व कर्मचारियों को उनकी डयूटी व कार्यों के बारे जानकारी दे दी गई है। गोताखोरों व नाव और नाविकों ड्यूटी भी लगाई गई है। बाढ़ चौकियों पर लेखपाल, प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक, एएनएम, आंगनवाड़ी, आशा, सफाईकर्मी, शिक्षामित्र और अवर अभियंता विद्युत, सिंचाई, लोकनिर्माण और पशुचिकित्सक आदि को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है।