सिकंदराबाद। औद्योगिक क्षेत्र के पानी को बाहर लेकर जाने वाले मुख्य नाले के बाशि में ओवरफ्लो होने के कारण जलभराव हो गया। इस वजह से फैक्टरियों में पानी घुस गया। फैक्टरियों में पानी घुसने से करीब सौ करोड़ का नुकसान बताया जा रहा है। औद्योगिक संगठनों ने नालों को आपस में जोड़ने, मुख्य नाले को यूपीसीडा के अधिकार क्षेत्र में दिए जाने, साल में दो बार नाले की सफाई कराने की मांग की है। वहीं समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन किए जाने, अगले माह का मेंटीनेंस, जीएसटी रोकने पर विचार करने की चेतावनी दी।
बता दें कि औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला पानी सिचाई विभाग के नाले से होते हुए निजामपुर नाले में गिरता है। शनिवार को हुई तेज बारिश के चलते नाला ओवरफ्लो हो गया। इसके चलते औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव की स्थिति हो गई। वहीं फैक्टरियों के अंदर पानी घुसने से फैक्टरियों में रखा तैयार माल, कच्चा माल पानी में डूबने के कारण खराब हो गया। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेप्टर सिकंदराबाद के अध्यक्ष विकास शर्मा ने बताया कि फैक्टरियों में पानी घुसने से तैयार माल, कच्चे माल के खराब होने के कारण उद्यमियों को करीब सौ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
औद्योगिक क्षेत्र के पानी की निकासी सिचाई विभाग के नाले से होती है। नाले की सफाई नहीं होने के कारण नाला बारिश में ओवरफ्लो हो जाता है। इससे फैक्टरियों में पानी भर जाता है। उन्होंने शासन से नाले को यूपीसीडा के अधिकार क्षेत्र में देने की मांग की थी। ताकि समय पर नाले की सफाई कराई जा सके। संदीप अग्रवाल अध्यक्ष सिकंदराबाद इंडस्ट्रीज वेलफेयर सोसायटी औद्योगिक क्षेत्र के नाले आपस में एक दूसरे से जुड़े नहीं हैं। इससे जल निकासी नहीं हो पाती है और बारिश में जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है और फैक्टरियों में पानी भर जाता है। वहीं आम दिनों में भी ड्रेनेज सिस्टम नहीं होने के कारण सड़कों पर जलभराव की स्थिति रहती है। रजत राही सचिव इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन सिकंदराबाद चेप्टर
पूर्व में आठ रुपये स्क्वायर फीट मेंटीनेंस लिया जाता था। जो अब बढ़कर 24 रुपये हो गया है। मगर उसके बावजूद भी औद्योगिक क्षेत्र में सुविधा का अभाव है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण तेज बारिश में फैक्टरियों में पानी भर जाता है। शनिवार को हुई बारिश में फैक्टरियों में पानी भरने से उद्यमियों को करीब सौ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो एसोसिएशन आंदोलन करेगी। अग्रिम माह का मेंटीनेंस, जीएसटी रोकने पर विचार करेगी।
विकास शर्मा अध्यक्ष सिकंदराबाद चेप्टर इंडियन इंडस्ट्रीज
एसोसिएशन
यूपीसीडा के सीनियर मैनेजर एनके जैन ने बताया कि नाला सिचाई विभाग के अधिकार क्षेत्र में है। नाले की सिफाई के लिए सिंचाई विभाग को 60 लाख रुपये का भुगतान किया गया था।