बुलंदशहर। विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चुनाव के लिए 23 अक्तूबर को मतदान होना है, लेकिन चुनाव से पहले भाजपा के कई विधायकों, पूर्व विधायकों के साथ जिला स्तरीय पदाधिकारियों के वोट भी नहीं बनाए गए हैं।
बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में पदाधिकारियों ने वोट बनवाने के लिए आवेदन ही नहीं किया है। एक ओर पार्टी चुनाव को लेकर तैयारियों में जुटी है, वहीं दूसरी ओर संगठन से जुड़े कई प्रमुख चेहरों के वोट न बनवाने का मामला सवाल खड़े कर रहा है।
एमएलसी चुनाव में शिक्षक और स्नातक वर्ग के मतदाता 23 अक्तूबर को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके लिए जिले में कुल 45 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। शिक्षक वर्ग के 6918 और स्नातक वर्ग के 10768 मतदाताओं के लिए मतदान की व्यवस्था की गई है।
चुनाव संपन्न कराने के लिए 22 अक्तूबर को पोलिंग पार्टियों को रवाना किया जाएगा। इसके बाद 23 अक्तूबर को निर्धारित मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे।
सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान किया जाएगा। इसके बाद मतपेटिकाओं को सील करते हुए पुलिस की सुरक्षा में मेरठ स्थित स्ट्रांग रूम भेजा जाएगा।
संगठन के प्रमुख चेहरों के ही नहीं बने मत
चुनाव से पहले भाजपा के कई पदाधिकारियों के वोट नहीं बनने का मामला चर्चा में है। बताया जा रहा है कि जिला कार्यकारिणी से जुड़े कई सदस्यों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। एक पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कई पदाधिकारियों ने तो वोट बनवाने के लिए आवेदन भी नहीं किया, जबकि कई पदाधिकारियों के आवेदन के बाद भी वोट नहीं बनाए गए हैं।
इसके अलावा कई विधायक, पूर्व विधायक और संगठन के अन्य पदाधिकारियों के वोट भी नहीं बने हैं। राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चुनाव में पार्टी के जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के मतदाता सूची से बाहर रहने का मामला संगठन की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता बनने के लिए निर्धारित पात्रता और पंजीकरण प्रक्रिया का विशेष महत्व होता है। ऐसे में पार्टी के कई प्रमुख पदाधिकारियों के वोट नहीं बन पाना चर्चा का विषय बन गया है।
45 केंद्रों पर होगा मतदान
जिले में शिक्षक और स्नातक वर्ग के मतदाताओं के लिए कुल 45 पोलिंग स्टेशन निर्धारित किए गए हैं। शिक्षक वर्ग के 6918 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जबकि स्नातक वर्ग में 10768 मतदाता पंजीकृत हैं। दोनों वर्गों के मतदाताओं के लिए मतदान की तैयारियां की जा रही हैं।
मतदान प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन की ओर से मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने की तैयारी की जा रही है। 22 अक्तूबर को पोलिंग पार्टियां रवाना होंगी। मतदान के दिन सभी निर्धारित केंद्रों पर चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।
सूची को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज
एमएलसी चुनाव में मतदान से पहले भाजपा के कई पदाधिकारियों के नाम मतदाता सूची में नहीं होने का मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। जिला कार्यकारिणी के सदस्यों से लेकर विधायक और पूर्व विधायक स्तर तक के लोगों के वोट नहीं होने की बात सामने आने से पार्टी की चुनावी तैयारियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि मतदान से पहले इस मामले में संगठन की ओर से कोई स्पष्टीकरण सामने आता है या नहीं।
एमएलसी चुनाव के लिए नामांकन से सात दिन पहले तक ही वोट बनवाने के लिए आवेदन किया जा सकता है। निर्धारित समय में आए सभी फार्मों के आधार पर वोट बनवाए गए हैं। 22 को पोलिंग पार्टियां रवाना की जाएंगी और 23 को निष्पक्ष मतदान कराया जाएगा। इसके लिए आवश्यक तैयारी की जा रही है।
- अभिषेक कुमार सिंह, एडीएम वित्त व उप जिला निर्वाचन अधिकारी