शनिवार को स्वामी विवेकानंद प्रतिमा से कब्जा हटवाते पालिका कर्मी।
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महीनों चली कवायद के बाद आखिरकार शनिवार को मोहल्ला रोगनग्रान में स्वामी विवेकानंद प्रतिमा स्थल को मानव कल्याण समिति के कब्जे से मुक्त करा लिया गया। इस दौरान काफी भीड़ रही। हालात पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस फोर्स मुस्तैद रही।
मौहल्ला रोगनग्रान में स्वामी विवेकानंद प्रतिमा स्थल पर बने दो कमरों में महीने से साहित्य केंद्र चलाया जा रहा है। संचालक मानव कल्याण समिति पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए नगरपालिका परिषद की 28 दिसंबर को हुई बोर्ड बैठक में इसे मुक्त कराने का प्रस्ताव पारित हुआ।
तय हुआ कि वहां पुस्तकालय बनेगा जिसका संचालन नगर पालिका परिषद करेगी। इसके खिलाफ समिति के पदाधिकारियों ने हाईकोर्ट में रिट दायर की। हाईकोर्ट से कमिश्नर को जांच के आदेश हुए। अनुपालन में डीएम ने मामले की जांच की।
डीएम शुभ्रा सक्सेना ने विवेकानंद प्रतिमा स्थल पर मानव कल्याण समिति द्वारा साहित्य केंद्र के संचालन को अवैध कब्जा बताते हुए रिपोर्ट दी। इस रिपोर्ट पर कमिश्नर ने कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर समिति ने फिर हाईकोर्ट की शरण ली।
वहां से आदेश मिलने पर शनिवार को एसडीएम अनूपशहर के आदेश पर पांच सदस्य कमेटी बनाई गई। इसमें नायब तहसीलदार नरेंद्र सिंह, कोतवाली प्रभारी प्रभात वर्मा, अधिशासी अधिकारी अमिता वरूण, सभासद विनय अग्रवाल व प्रवीण शिशौदिया शामिल किए गए। शनिवार को कमेटी ने कब्जा हटाया।