बुलंदशहर। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित होने वाली वर्ष 2027 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए शासन ने नई पंजीकरण व अग्रसारण नीति जारी कर दी है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने जनपद के 20 राजकीय कॉलेजों को पंजीकरण व अग्रसारण केंद्र निर्धारित किया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक विनय कुमार ने बताया कि जिन छात्रों ने नियमित रूप से पढ़ाई नहीं की या किसी कारणवश स्कूल नहीं जा सके वे इन केंद्रों के माध्यम से व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में आवेदन कर सकते हैं। यूपी बोर्ड की आगामी परीक्षा के लिए व्यक्तिगत और पत्राचार के फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जिले में 20 विद्यालयों को फॉर्म भरने के लिए अग्रसारित केंद्र बनाया गया है। हाईस्कूल की व्यक्तिगत परीक्षा के लिए 10 हजार छात्र-छात्राएं फॉर्म भर सकेंगे। वहीं इंटरमीडिएट में आठ हजार पत्राचार और सात हजार छात्र-छात्राएं व्यक्तिगत परीक्षा के फॉर्म भर सकेंगे। इस तरह इंटर में कुल 15 हजार अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा।
बताया कि इस वर्ष जारी नीति के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह है कि बोर्ड परीक्षाओं के लिए केवल उन्हीं राजकीय विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है जहां पर्याप्त शिक्षण स्टाफ और अनुभवी प्रवक्ता उपलब्ध हैं। दागी, सामूहिक नकल या पिछले तीन वर्षों में हिंसात्मक घटनाओं से प्रभावित रहे विद्यालयों को इस प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर रखा गया है। उन्हाेंने बताया कि इस संबंध में डीआईओएस कार्यालय की ओर से आदेश जारी किया गया है।
इन्हें बनाया गया अग्रसारण केंद्र
राजकीय इंटर कॉलेज बुलंदशहर, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बुलंदशहर, अग्रसेन इंटर कॉलेज सिकंदराबाद, डीडी कबाड़ी कन्या इंटर कॉलेज सिकंदराबाद, एसएमजेसी इंटर कॉलेज खुर्जा, आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज, एलडीएवी इंटर कॉलेज अनूपशहर, कुबेर इंटर कॉलेज डिबाई, कृष्ण कन्या जाजू इंटर काॅलेज डिबाई, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बीबीनगर, राजकीय इंटर कॉलेज पहासू, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज शिकारपुर, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बिलौनारूप, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज दादूपुर नीला, राजकीय इंटर कॉलिज ठेंगोरा, उच्च माध्यमिक राजकीय इंटर कॉलेज जैनपुर, राजकीय हाईस्कूल फरीदाबांगर, राजकीय हाईस्कूल सैठा, उच्च माध्यमिक राजकीय इंटर कॉलेज अहरौली और पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पला कसेर को अग्रसारण केंद्र बनाया गया है।