बुलंदशहर। भीषण गर्मी में बिजली कटौती लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। भले ही अधिकारी मरम्मत कार्य पूरा होने का दावा कर रहे हैं लेकिन गांव के साथ शहरी क्षेत्र में हो रही कटौती ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। सोमवार को शहरी क्षेत्र में छह घंटे और गांवों में 10 से 12 घंटे की बिजली कटौती की गई। चिलचिलाती धूप निकलने और बिजली आपूर्ति न होने से लोग दिन भर गर्मी से बचने के लिए अलग-अलग उपाय करते रहे।
नगर के हाइडिल कालोनी, यमुनापुरम, टांडा, सब्जी मंडी, चांदपुर रोड, आवास विकास रमपुरा, नीमखेड़ा समेत अन्य बिजलीघरों से जुड़े क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को अघोषित बिजली कटौती से परेशान होना पड़ा। जबकि पहासू, छतारी, अहार, ऊंचागांव, गुलावठी, जहांगीराबाद, स्याना, बीबीनगर, नरसेना, अनूपशहर, डिबाई, नरौरा समेत अन्य क्षेत्र के गांवों में 10 से 12 घंटे की बिजली कटौती से लोग रात-दिन परेशान रहे लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। सोमवार को दोपहर के समय आपूर्ती न मिलने से लोग परेशान रहे।
औरंगाबाद क्षेत्र के गांव जाड़ौल निवासी जय सिंह ने बताया कि गांव में न के बराबर बिजली मिल रही है। इससे न तो घरों का काम पूरा हो रहा और न ही खेतों की सिंचाई हो पा रही है। गांव भिरौली निवासी राकेश सिंह ने बताया कि बिजली कटौती के कारण खेत सूखने की कगार पर हैं लेकिन अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। शिकारपुर के गांव रसूलपुर निवासी मनोज कुमार ने बताया कि गांव में बिजली आपूर्ती से अधिक कटौती हो रही है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिना बिजली के लोगों का क्या हाल है।
डिबाई के गांव गोसमी निवासी सुनीता ने बताया कि हालात इतने बुरे हैं कि शेड्यूल तो छोड़िए एक घंटे भी लगातार बिजली नहीं आ रही है। कब बिजली आएगी और कब जाएगी इसका कोई पता ही नहीं है। राजघाट निवासी सचिन ने बताया कि जब बिजली आती भी है तो वोल्टेज इतने कम होते हैं कि घरेलू उपकरण भी काम नहीं कर पाते हैं।
कोट
बिजली कटौती से लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए सभी अधीनस्थों को निर्देशित किया है। स्थानीय स्तर पर कटौती का कोई मामला अभी तक सामने नहीं आया है। फाल्ट व अन्य कार्यों को पूरा करने के लिए बिजली कटौती होती है। - संजीव कुमार, मुख्य अभियंता, ऊर्जा निगम