कहीं सीमा विवाद ने तो नहीं उजाड़ दिए किसान
आजादी के बाद सन 1976 में दीक्षित अवार्ड के तहत यूपी हरियाणा सीमा का बंटवारा हुआ था। तब दोनों प्रदेशों के बीच सीमांकन पिलर भी लगवाए गए थे लेकिन, निरंतर यमुना की जलधारा बदलने के साथ ही यूपी के किसानों की बहुत जमीन हरियाणा की ओर चली गई। यही कारण है कि दोनों प्रदेशों के किसानों के बीच भूमि को लेकर खूनी विवाद छिड़ गया। कई बार गोलियां चल चुकी हैं। इसके बावजूद भी दोनों प्रदेशों के अधिकारी सीमा विवाद का हल नहीं निकाल सके हैं। शनिवार के अग्निकांड को देखते हुए सवाल यही खड़े हो रहे हैं कि कहीं सीमा विवाद के चलते तो किसी शरारती तत्व ने यूपी के किसानों की ओर से आग की चिंगारी तो नहीं छोड़ दी। इस अग्निकांड के चलते एक बार फिर सीमा पर तनाव की स्थिति बन गई है।
फूंक गए अरमान, तब जागा दमकल विभाग
अग्निकांड की सूचना के बावजूद भी लगभग चार घंटे बाद जिलेभर की अग्निशमन दल की करीब चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। तब तक आग इतनी बढ़ चुकी थी कि वहां तक दमकल के कर्मचारियों का पहुंचना भी मुश्किल हो रहा था। ऐसे में दमकल विभाग के खिलाफ भी किसानों में गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने खरी-खोटी भी सुनाई। बाद में दमकल विभाग ने आग का रुख भांपते हुए आगे से आगे जाकर डुंडूखेड़ा में आग पर काबू पाया।
रिपोर्ट बनाने में जुटा तहसील अमला
प्रशासन ने इस अग्निकांड को हालांकि गंभीरता से लेने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि प्रशासन की ओर से लेखपालों की टीम को मौके पर भेजा गया है, जिनके द्वारा आग में हुई किसानों की क्षति की रिपोर्ट बनाई जा रही है। रिपोर्ट मुकम्मल होने के बाद उसे प्रशासन को सौंपी जाएगी।