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दो और फर्जी शिक्षक बर्खास्त, बनी थी अफसरों की मेहरबानी

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दो और फर्जी शिक्षक बर्खास्त, बनी थी अफसरों की मेहरबानी
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बुलंदशहर। डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी से वर्ष 2004-05 में बीएड की डिग्री पाकर परिषदीय स्कूलों में शिक्षक की नौकरी करने वाले दो और फर्जी शिक्षकों का भंडाफोड़ हुआ है। चर्चा है कि इन शिक्षकों पर पिछले कुछ दिनों से अफसरों की मेहरबानी बनी हुई थी, लेकिन अब इन दोनों को बीएसए ने कार्रवाई कर बर्खास्त कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है।
जनपद में ऐसे ही 17 शिक्षकों पर पूर्व में कार्रवाई हो चुकी है।
बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए काफी अभ्यर्थियों के पास वर्ष 2004-05 के बीच की डा. भीमराव अंबेडकर विवि की बीएड की डिग्री थीं। लेकिन शासन में शिकायत के बाद एसआईटी ने पूरे प्रदेश में इस प्रकरण की जांच की तो शिक्षकों का विवि में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके चलते इन शिक्षकों की बीएड की डिग्री को फर्जी माना था और ऐसे शिक्षकों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ शासन ने एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिए थे। गत दिनों जनपद में ऐसे 17 शिक्षक पाए गए थे और उनको बर्खास्त कर विभाग ने उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवा दी है। लेकिन अब एक और नया मामला सामने आया है। जहांगीराबाद और लखावटी ब्लॉक के परिषदीय स्कूलों में इसी विवि की बीएड डिग्री के दो शिक्षक और पकड़ में आए हैं। शिकायत होने पर बीएसए ने जांच कराई तो पूरा मामला खुलकर सामने आया। बताया गया कि इन शिक्षकों ने अपने बीएड के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को छिपाकर विभाग को गुमराह करते हुए नौकरी जारी रखी। वहीं, दूसरी ओर चर्चा है कि इन दोनाें शिक्षकों पर अफसरों की भी मेहरबानी बनी हुई थी। बीएसए ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों शिक्षकों को अब बर्खास्त कर दिया है और इनके खिलाफ संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। जनपद में अब बीएड की डिग्री से नौकरी पाने वाले फर्जी शिक्षकों की संख्या 19 हो चुकी है।
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ब्लॉक लखावटी और जहांगीराबाद स्थित परिषदीय विद्यालयों में दो और शिक्षक बीएड की फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले मिले हैं। जांच के बाद दोनों को बर्खास्त कर दिया है। शिक्षकों ने विभाग को गुमराह किया है। इनके खिलाफ संबंधित एबीएसए को एफआईआर के निर्देश दे दिए हैं। शिकायत के आधार पर विभाग ने यह कार्रवाई की है। शासन को भी इसके बारे में अवगत कराया जा रहा है।
अखंड प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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