बुलंदशहर के खुर्जा में गर्म तेल से झुलसने के बाद दो मासूम बहनों का परिजन दो दिन तक घर पर ही इलाज करते रहे। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां से बुलंदशहर मेडिकल कॉलेज और फिर हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
खुर्जा नगर की देवी धाम कॉलोनी में रहने वाली एक वर्षीय टीना और आठ वर्षीय अंजली, दोनों बहनें घर में गर्म तेल से झुलस गईं। परिजन दो दिन तक बच्चियों का उपचार घर पर ही करते रहे। बुधवार को उन्हें जटिया अस्पताल लाया गया, जहां से बुलंदशहर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां चिकित्सकों ने दोनों की गंभीर हालत देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों की लापरवाही के कारण गर्म तेल से झुलसी दोनों मासूम बच्चियों की हालत गंभीर बनी हुई है। फिलहाल उनका मेरठ मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है।
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देवी धाम कॉलोनी निवासी ओमवती ने बताया कि उनका बेटा सुधीर खस्ता-कचौड़ी बेचने का काम करता है। सुधीर की चार बेटियां हैं। सबसे बड़ी अंजली, उसके बाद सोनिया, दीपा और सबसे छोटी टीना है। सोमवार को सुधीर घर पर कचौड़ी तल रहा था। तभी खेलते-खेलते अंजली और टीना रसोई में पहुंच गईं।
इसी दौरान अचानक दोनों बच्चियों का संतुलन बिगड़ गया और वे गर्म तेल से भरी कड़ाही पर गिर गईं। गर्म तेल की चपेट में आते ही दोनों दर्द से चीखने लगीं। परिजनों ने उन्हें वहां से उठाकर बिस्तर पर लिटा दिया और घर पर ही उपचार करने लगे।
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ओमवती ने बताया कि बच्चियों की हालत बिगड़ने पर बुधवार को उन्हें जटिया अस्पताल ले जाया गया। वहां से चिकित्सकों ने बुलंदशहर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में जांच के बाद डॉक्टरों ने दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर भेज दिया। इसके बाद परिजनों ने दोनों बच्चियों को मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
कल्याण सिंह मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धीर सिंह ने बताया कि दोनों बच्चियों की हालत गंभीर थी। सर्जन की सलाह पर इमरजेंसी स्टाफ ने उन्हें हायर सेंटर रेफर किया। दोनों बच्चियों का शरीर कमर के पीछे के हिस्से से लेकर पैरों तक गंभीर रूप से झुलस गया था।