पहला मामला सदर तहसील के गांव करौली का है, जबकि दूसरा मामला सिकंदराबाद तहसील के गांव हुसैनपुर आजमपुर का है। दोनों गांवों में किसानों ने धान की कटाई के बाद खेत में पड़ी पराली जला दी थी।
बुलंदशहर जिले में धान की कटाई शुरू होते ही खेतों में पराली जलाने का धुआं फिर दिखने लगा है। प्रशासन और कृषि विभाग की सख्त हिदायतों के बावजूद दो किसानों ने अपने खेतों में फसल अवशेष में आग लगा दी। कृषि विभाग ने सैटेलाइट ट्रैकिंग से दोनों मामलों को पकड़कर संबंधित किसानों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना ठोका है।
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पहला मामला सदर तहसील के गांव करौली का है, जबकि दूसरा मामला सिकंदराबाद तहसील के गांव हुसैनपुर आजमपुर का है। दोनों गांवों में किसानों ने धान की कटाई के बाद खेत में पड़ी पराली जला दी थी।
कृषि विभाग के अनुसार, पराली रोकथाम के लिए जिले में सैटेलाइट मॉनिटरिंग सिस्टम सक्रिय है। जैसे ही खेत में आग लगी, कंट्रोल रूम को थर्मल अलर्ट और लोकेशन मिल गई। सैटेलाइट से मिली लोकेशन के आधार पर कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और आग जलाने की पुष्टि होते ही चालान की कार्रवाई की।
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जिला उप कृषि निदेशक बबलू कुमार ने बताया कि जिले में पराली जलाने पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए प्रशासन अलर्ट है। इसके लिए पूरे जिले में 175 विशेष निगरानी टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें लगातार खेतों में भ्रमण कर निगरानी कर रही हैं और किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक भी कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि पराली जलाने पर जुर्माने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित किया जा सकता है।