बुलंदशहर। गोवंशीय पशुओं को अवैध रूप से काटने और उनका मांस बेचने की तैयारी कर रहे दो सगे भाइयों को अदालत ने चार साल बाद दोषी करार दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित कक्ष संख्या तृतीय की अदालत ने बुधवार को दोनों दोषियों को छह-छह वर्ष के कारावास और तीन-तीन लाख रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
बीबीनगर पुलिस टीम की सात जुलाई 2021 में देर रात सूचना मिली थी कि परतापुर गांव स्थित जंगल में इरफान के खेत में कुछ लोग गोवंशीय पशुओं को काटने की तैयारी कर रहे हैं।
सूचना पर पुलिस टीम ने खेत पर छापा मारा। मौके से पुलिस ने चार जिंदा गोवंश बरामद किए और वहीं से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुलावठी कस्बा व थाना क्षेत्र के मुहल्ला पीर खां निवासी बिलाल और नवाब के रूप में हुई।
आरोपी गोवंशों को काटकर उनका मांस अवैध रूप से बेचने की फिराक में थे। पुलिस ने तत्काल उप निरीक्षक के माध्यम से आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित कक्ष संख्या तृतीय की अदालत में सुनवाई के लिए पहुंचा।
न्यायाधीश शिवानंद ने दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों को सुनने के बाद बुधवार को दोनों सगे भाइयों नवाब और बिलाल को दोषी पाया। दोष सिद्ध होने पर अदालत ने दोनों दोषियों को छह-छह वर्ष के कठोर कारावास और प्रत्येक पर तीन-तीन लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।