बुलंदशहर। नरसेना-ऊंचागांव समेत आस ्रपास के ग्रामीणों से निफ्टेक कंपनी में रुपये लगाकर उन्हें दोगुना करने का झांसा देने वाले दो आरोपियों को एसीजेएम तृतीय के न्यायालय ने दोषी करार दिया है। साथ ही एक अभियुक्त अशोक को सात वर्ष का कारावास व 1.10 लाख रुपये अर्थदंड और अभियुक्त दीपक चौहान को चार वर्ष का कारावास व 60 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।
अभियोजक शिवम कुमार मिश्रा ने बताया कि नरसेना के गांव भड़काऊ निवासी अशोक कुमार और दीपक चौहान ने वर्ष-2021 में धोखाधड़ी से अधिक लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी की गई थी। आरोपियों ने निफ्टेक कंपनी के नाम पर लोगों से रुपये ले लिए और मांगने पर वापस नहीं किए। साथ ही आरोपियों ने उन्हें बाद में रुपये मांगने पर झूठे मुकदमों में फंसाने व जान से मारने की धमकी दी थी।
आरोपियों के खिलाफ नरसेना, स्याना और हापुड़ के बहादुरगढ़ क्षेत्र में धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हुए थे। आरोपियों के खिलाफ वर्ष 2021 में एक व्यक्ति ने नरसेना थाने पर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें पुलिस ने जांच पूरी कर दोनों अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। इस मामले की सुनवाई एसीजेएम तृतीय के न्यायालय में चल रही थी। न्यायालय ने शुक्रवार को दोनों अभियुक्तों को इस मामले में दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर दोषी करार दिया है। अभियुक्त अशोक को सात वर्ष का कारावास व 1.10 अर्थदंड व जबकि, दूसरे अभियुक्त दीपक चौहान को चार वर्ष का कारावास व 60,000 रुपये अर्थदंड सुनाया है।