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Bulandshahar News: समय से उपचार नहीं मिलने से हुई थी जुड़वा बच्चों की मौत

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बुलंदशहर। जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में 20 दिन पूर्व हुई दो जुड़वा नवजातों की मौत मामले में स्टाफ की लापरवाही सामने आई है। जांच रिपोर्ट में रात के समय ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने समय से नवजातों को नहीं देखा। इस लापरवाही से नवजात की मौत हो गई। दो सदस्यीय टीम शनिवार को जांच की रिपोर्ट सीएमओ को सौंपेगी। वहीं, लापरवाह स्टाफ पर कार्रवाई के लिए कॉलेज की प्राचार्य को पत्र भेजा जाएगा।
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जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती जुड़वा नवजात की 23 मई की सुबह मौत हो गई। परिजनों ने दोनों नवजात की मौत के लिए ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक और स्टाफ की लापरवाही बताई। साथ ही रात के समय ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक और स्टाफ पर इलाज के नाम पर रुपये कम दिए जाने पर नाखुश होकर संबंधित पर नवजात की हत्या करने का भी आरोप लगाया। लापरवाही स्टाफ पर कार्रवाई की मांग को लेकर 48 घंटे तक नवजात के शव एसएनसीयू वार्ड में रखे रहे। बाद में कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर शवों का पोस्टमार्टम कराया गया।
सदर तहसील क्षेत्र निवासी सर्वेश कुमार की पत्नी ने 16 मई को एक निजी अस्पताल में प्रसव के समय दो बच्चों को जन्म दिया। दोनों बच्चों का वजन कम होने पर उन्हें जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया गया। छह दिन भर्ती रहने के बाद सातवें दिन दोनों नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने कार्रवाई के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को पत्र दिया है। वहीं, सीएमओ ने मामला संज्ञान में लेकर दो सदस्यीय टीम गठित कर तीन दिन में जांच रिपोर्ट मांगी। जिसकी रिपोर्ट अभी तक सीएमओ को नहीं मिली है। फिलहाल जांच टीम ने बताया कि नवजात बच्चों की मौत रात के समय ड्यूटी पर तैनात स्टाफ की लापरवाही से हुई है। सीसीटीवी फुटेज में स्टाफ समय से उपचार करता नजर नहीं आया। पूर्व में भी संबंधित स्टाफ की लापरवाही सामने आई है। अलग-अलग पहलू पर जांच कर रिपोर्ट बना ली है। शनिवार को सीएमओ को सौंप दी जाएगी।
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अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। जांच में रात के समय ड्यूटी पर तैनात स्टाफ की लापरवाही बताई जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित पर कार्रवाई के लिए कॉलेज की प्राचार्य को पत्र भेजा जाएगा। संबंधित स्टाफ के पूर्व में हुई लापरवाही के मामले की भी जांच कराई है। संबंधित जिस विभाग से है वहां पर भी पत्र भेजकर कार्रवाई को कहा जाएगा। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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