बुलंदशहर। ककाेड़ थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में न्यायालय स्पेशल जज पॉक्सो अधिनियम तरुण कुमार ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। तीनों अभियुक्तों को बीस-बीस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों दोषियों पर अलग-अलग अर्थदंड भी लगाया है।
वर्ष 2017 में ककोड़ क्षेत्र निवासी एक किशोरी लापता हो गई थी। परिजनों ने किशोरी की तलाश की तो जानकारी मिली थी कि उनके घर से कीमती सामान और आभूषण भी गायब हैं। इस मामले में ककोड़ थाने पर 14 जून 2017 को अपहरण और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें ककोड़ थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी नगेन्द्र उर्फ लाला, हरियाणा निवासी महिला जूहरी और मथुरा निवासी गिरीश को नामजद किया गया। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
पुलिस ने 16 सितंबर 2017 को अदालत में आरोप पत्र प्रेषित कर दिया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान सात गवाह पेश किए गए। वहीं अब न्यायालय ने सभी गवाहों के बयानोंं और साक्ष्यों का अवलोकन कर तीनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। साथ ही न्यायाधीश स्पेशल जज पोक्सो एक्ट तरुण कुमार ने तीनों को 20-20 वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर सवा लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है। इसमें नागेंद्र उर्फ लाला पर 55 हजार, जूहरी पर 45 हजार रुपये और गिरीश पर 45 हजार अर्थदंड लगाया गया है।