धनतेरस को खास बनाने में लोगों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। बाजारों में लक्ष्मी की खूब बरसात हुई। खास बात यह भी रही कि सामान खरीदने में लोगों ने न तो महंगाई की तरफ देखा और न ही जेब की तरफ।
जो मन को भाया उसी की खरीदारी कर ली। इसी कारण धनतेरस पर करीब 50 करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ।
व्यापारी नेता अनिल देशभक्त के अनुसार धनतेरस पर प्रत्येक वर्ष 40 करोड़ के आसपास का व्यापार होता है। इस बार महंगाई भी अधिक है। ऐसे में यह आंकड़ा 50 करोड़ से अधिक होने की संभावना है।
धनतेरस होने के कारण बाजार कई दिन पहले से ही सज चुके थे। सोमवार सुबह होते ही बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई।
सर्राफा की दुकान हो या फिर बर्तन विक्रेता, सजावट, आतिशबाजी के स्टाल, गिफ्ट, मिष्ठान विक्रेता, वाहन एजेंसी, इलेक्ट्रानिक शोरूम और अन्य सामान बेचने वाला की दुकानों पर देर शाम तक लाइन लगी रही।
मेकिंग चार्ज पर बेचा सोना
बाजार में सर्राफा और बर्तनों की दुकानों पर खासी भीड़ देखने को मिली। लोगों ने चांदी के सिक्के, गिलास, चंमच, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति आदि के साथ सोने के सिक्के आदि की खरीदारी की।
बाजार में चांदी के डालरों को भी खूब पसंद किया गया। इस बार धनतेरस पर सोने के आभूषण पर मेकिंग चार्ज नहीं लिया गया।
सोमवार को सोने के दाम 25200 प्रति तोला रहे जबकि मेकिंग चार्ज कम कर 24500 रुपये प्रति तोला सोना बेचा गया।
सजावट और अन्य सामग्री की खरीदारी
बाजार में सजावट और अन्य सामग्री बेचने वालों की दुकानों पर खरीदारी की गई। लोगों ने सजावट और दीपमाला के लिए चाइनीज सामान के साथ बंगाली और गुजरात सहित कई प्रदेश से आए मिट्टी से बने झूमर, झालर, इलेक्ट्रानिक लड़ी, क्रिस्टल लड़ी, रंग-बिरंगी फूलों की लड़ी, गुलदस्ते, मिट्टी के दीये और अन्य सामान खूब खरीदा। चाइना की इलेक्ट्रानिक लड़ियों तथा लक्ष्मी-गणेश को भी खूब पसंद किया गया।
1000 बाइक-स्कूटी, 100 कार और 20 ट्रैक्टरों की बिक्री
लोगों ने पहले ही वाहन लेने के लिए बुकिंग करवा दी थी लेकिन डिलीवरी धनतेरस के दिन हो इसके लिए इंतजार कर रहे थे। शहर में वाहन एजेंसियों पर 1000 से अधिक बाइक-स्कूटी और 100 से अधिक कारों की बिक्री हुई।
इसके अलावा 20 ट्रैक्टर भी बेचे गए। वाहन की खरीद पर निश्चित उपहार के साथ लोन की सुविधा और एक वर्ष के फ्री इंश्योरेंस और वारंटी आदि की सौगात दी गई।
एसके होंडा के संचालक विनीत चड्ढा और वैष्नवी बजाज के संचालक दीपक भटनागर ने बताया कि 1000 से अधिक बाइक-स्कूटी के अलावा 100 से अधिक कारों की बिक्री हुई।
उधर आयशर ट्रैक्टर एजेंसी के संचालक रविंद्र शर्मा ने बताया कि ट्रैक्टर एजेंसियों पर 20 ट्रैक्टरों की डिलीवरी की गई।
इलेक्ट्रानिक सामान भी खूब भाया
बाजार में इलेक्ट्रानिक सामान खरीदने वालों की भी लाइन लगी रही। टीवी, एलसीडी, एलईडी, फ्रिज, वाशिंग मशीन और अन्य इलेक्ट्रानिक सामान की खरीद पर ग्राहकों को खूब लुभाया।
शोरूम संचालकों ने गिफ्ट के साथ फाइनेंस की भी व्यवस्था की। यह अलग बात रही कि जिसके जो मन पसंद आया और जिसकी जरूरत थी लोगों ने उसी को खरीदा।
मिष्ठान और गिफ्ट
मिष्ठान के लिए पहले ही बुकिंग हो चुकी थी, जिसकी डिलीवरी भी शुरू हो गई है। बाजार में कई तरह की मिठाई के दाम 100 रुपये से लेकर 1000 रुपये प्रति किलो तक रहे।
इसी तरह गिफ्ट में काजू, बादाम, किस्मिस, बिस्कुट, नमकीन, चाललेट, फलों के जूस और शीतल पेय पदार्थ आदि की खूब बिक्री हुई। बंसल वीकेनेर के शिवम बंसल का कहना है कि उम्मीद के मुताबिक बिक्री हुई।