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ट्रिपल मर्डर: खाकी की नाक के नीचे सुलगती रही जिम, शराब पार्टी के बाद लाशों से पटा फर्श

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खुर्जा के सुभाष मार्ग पर स्थित जिम में हत्या की घटना के बाद जांच करने पहुंचे एडीजी व डीआईजी। सं
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बुलंदशहर। कानून का खौफ जब खत्म हो जाए और खाकी सुस्त पड़ जाए, तो अंजाम आरजेएस फिटनेस जिम जैसा ही होता है। बुर्ज उस्मान पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर शनिवार रात जो हुआ, उसने पुलिसिया इकबाल की धज्जियां उड़ा दीं। जहां युवाओं को सेहत बनाने के लिए आना था, वहां शराब के दौर चले और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग में तीन जिंदगियां खत्म हो गईं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर पुलिस बार-बार हो रहे विवादों के बाद भी इस अड्डे पर मेहरबान क्यों थी?
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सुभाष मार्ग स्थित यह जिम पिछले सात महीनों से सुर्खियों में था। दिसंबर में जिम संचालक जीतू सैनी ने ककराला के पास फायरिंग की थी। जीतू इस वक्त जेल में है। फरवरी में नेहरूपुर चुंगी पर जिम के लड़कों ने मारपीट की। बावजूद इसके, पुलिस ने जिम की गतिविधियों पर नजर रखने की जहमत नहीं उठाई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां देर रात तक नशे का खेल चलता था, लेकिन पुलिस की पीआरवी महज खानापूर्ति के लिए गश्त करती रही। वारदात के बाद जब पुलिस ने जिम के भीतर कदम रखा, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। चारों तरफ शराब की बोतलें, बीयर की केन और सिगरेट के अधजले पैकेट बिखरे पड़े थे। साफ है कि हत्यारे बेखौफ होकर पहले नशा करते रहे और फिर खूनी खेल खेला। 800 मीटर दूर बैठी पुलिस को न चीखें सुनाई दीं और न गोलियों की तड़तड़ाहट। अब सवाल यह है कि इस लापरवाही की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ अधिकारी कोई एक्शन लेंगे या चुप्पी साध ली जाएगी। हालांकि, डीआईजी कलानिधि नैथानी ने शनिवार देर रात मौके पर पहुंच कर यह कहते हुए संकेत जरूर दिए कि लापरवाही मिलने पर संबंधित को बख्शा नहीं जाएगा।
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