आरोप है कि इसके बाद आरोपी परिजन युवक को पास ही स्थित एक अस्पताल ले गए, जहां उसे बेहोशी का इंजेक्शन देकर धर्मांतरण के लिए उसका जबरन खतना कर दिया गया। पीड़ित को होश आने पर आरोपियों ने शादी से पहले धर्मांतरण करने का दबाव बनाया।
पीड़ित के इनकार करने पर तीन दिनों तक आरोपियों ने उसे वही हॉस्पिटल में बंधक बनाकर रखा। इसके बाद आरोपी उसे अपने घर ले गए। जानकारी होने पर प्रेमिका ने अपनी मां के फोन से युवक के परिजनों को मामले की सूचना दी। उसके बाद युवक के परिजन प्रेमिका के घर पहुंचे और उसको बंधन मुक्त कराया। प्रेमिका भी अपने परिजनों के डर की वजह से प्रेमी के परिजनों के साथ आ गई है।
एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि मामले की जांच गुलावठी थाना प्रभारी को सौंप दी गई है। जांच के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, घटना गौतमबुद्ध नगर के सूरजपुर फेस टू थाना क्षेत्र की है।