छतारी के लालगढ़ी गांव में मगरमच्छ के लिए लगाए पिंजड़े को देखता ग्रामीण। स्रोत : वन विभाग
- फोटो : श्रीकृष्ण जयंती महोत्सव समिति के हरेंद्र यादव को बनाया गया संयोजक,किया स्वागत,मौजूद पूर्व एमएलसी डा.दिलीप यादव व अन्य पदाधिकारी। स्रोत स्वयं
छतारी। क्षेत्र के लालगढ़ी गांव स्थित तालाब में मगरमच्छ पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजड़ा बंद नहीं हुआ और मगरमच्छ इसके अंदर से मुर्गा खाकर भाग गया। वन विभाग द्वारा लगाया गया रेस्क्यू अभियान पूरी तरह विफल साबित हुआ। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है।
गांव निवासी डॉ. विमल ने बताया कि सोमवार को तालाब में मगरमच्छ दिखाई दिया था। इसके बाद ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई थी और लोग तालाब की ओर नहीं जा रहे। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम में रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया। इसी के चलते तालाब में पिंजरे के भीतर मगरमच्छ को आकर्षित करने के लिए एक मुर्गा रखा गया था।
रविवार सुबह मगरमच्छ पिंजड़े में से मुर्गा खाकर भी चला गया लेकिन उसका दरवाजा बंद नहीं हो सका। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि मगरमच्छ पिंजरे के अंदर घुसा, मुर्गे को खाया और फिर आसानी से बाहर निकल गया।
ग्रामीण रवि ने बताया कि तालाब में मगरमच्छ की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल है। किसान, मजदूर और छोटे बच्चे रोजाना तालाब और आसपास के रास्तों से गुजरते हैं। जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने हाल ही में बहराइच में मगरमच्छ के हमले में एक 12 वर्षीय बच्चे की मौत का हवाला देते हुए कहा कि ग्रामीणों की चिंता जाहिर की।
वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी आदित्य सिंह ने बताया कि किसी कारण से पिंजड़ा खराब हो गया था। अब तालाब में नया पिंजड़ा लगाया गया। जल्द से जल्द मगरमच्छ को पकड़ा जाएगा।