बुलंदशहर। हाईवे पर टोल टैक्स की वसूली झोली भरके की जा रही है लेकिन व्यवस्थाएं मुट्ठी भर भी नहीं हैं। एनएच-34 पर ठीक से पथ प्रकाश की भी व्यवस्था नहीं है। रात में एक दो स्थानों को छोड़कर कहीं पर पेट्रोलिंग भी नहीं दिखती है। लुहारली टोल से लेकर अरनिया तक जायजा लेने पहुंची अमर उजाला की टीम से हाईवे से गुजर रहे लोगों ने कहा कि जितना टोल है, उतनी सुविधाएं नहीं हैं। हर साल अप्रैल में हाईवे पर टोल टैक्स की बढ़ोतरी कर दी जाती है। सुविधाओं में कोई इजाफा नहीं हुआ है।
हाईवे पर अधिकतर स्थानों पर अंधेरा दिखा। 50 किलोमीटर लंबे हाईवे पर एक दो स्थानों पर ही पुलिस दिखाई दी। बुलंदशहर से दिल्ली और अलीगढ़ की राह सुगम बनाने के लिए नेशनल हाईवे-34 का निर्माण कराया गया था। वर्ष 2015 में चार पहिया निजी वाहन के लिए एक तरफ से 60 रुपये टोल वसूला जाता था। वर्तमान में यह टोल एक तरफ से 140 रुपये पहुंच गया है। ट्रक और बस का 200 रुपये से बढ़कर 430 और मल्टी एक्सएल वाहनों का 300 रुपये से बढ़कर 690 रुपये टोल टैक्स हो चुका है।
रात 9:13 बजे अगवाल कट खुर्जा
खुर्जा का अगवाल फाटक नेशनल हाईवे-34 पर महत्वपूर्ण तिराहा है। बुलंदशहर की ओर से आने वाले वाहन यहां से खुर्जा के अंदर प्रवेश करते हैं। यहां फ्लाईओवार पर तो प्रकाश व्यवस्था नजर आई लेकिन तिराहे पर अंधेरा छाया रहा। यहां तैनात रहने वाली पिकेट भी नजर नहीं आई।
रात 10:02 बजे शिकारपुर तिराहा
हाईवे पर खुर्जा के शिकारपुर तिराहे पर भी लाइट की व्यवस्था नहीं थी। गश्त पर पुलिस भी नहीं दिखाई दी। इस तिराहे के पास कई बार राहगीरों के साथ लूट की वारदात हो चुकी हैं। सड़क पार करते समय हादसे भी हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार सुरक्षा व प्रकाश की व्यवस्था कराने की मांग की जा चुकी है।
रात 10:35 बजे पहासू बाईपास
खुर्जा में नेशनल हाईवे 91 पर पहासू बाईपास पर भी यही नजारा देखने को मिला। यहां भी न पुलिसकर्मी मिले और न ही प्रकाश व्यवस्था। कुछ लोग अंधेरे में ही खड़े होकर वाहनों का इंतजार करते हुए नजर आए। उन्होंने बताया कि कई बार देर रात में आने पर वाहन नहीं मिलते। लूट आदि का भय भी रहता है।
शाम 7:45 बजे सुखलालपुर
सुखलालपुर के पास हाईवे पर अंधेरा पसरा था। जालपी निवासी राजू की कार अंधेरे में खड़ी हुई थी। राजू ने बताया कि कार खराब हो गई है। यहां पुलिस है और न ही लाइट की कोई व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि 140 रुपये का टोल चुकाकर आए हैं। एनएचएआई को गश्त करानी चाहिए, जिससे परेशानी में घिरने पर वाहन चालकों की मदद हो सके।
टोल के हिसाब से मिले सुविधा
एनएचएआई लगातार टोल टैक्स बढ़ा रहा है लेकिन हाईवे पर सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं है। जिस तरह से टोल बढ़ रहा है, उस तरह से सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। - विक्रांत तोमर, निवासी गाजियाबाद
हाईवे पर इतना टोल देने के बाद भी अंधेरे से होकर गुजरना पड़ता है। गाइडलाइन के अनुसार पूरे हाईवे पर प्रकाश की व्यवस्था होनी चाहिए। सामाजिक संगठन और राजनैतिक दलों के लोगों को इस समस्या के लिए कदम उठाने चाहिए। - कपिल, निवासी बगराई
नियमानुसार टोल टैक्स अप्रैल में बढ़ता है। वाहन चालकों को नियमानुसार सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। जहां प्रकाश की व्यवस्था नहीं है या लाइट खराब है, वहां इंतजाम कराया जा रहा है। हाईवे पर टोल की पेट्रोलिंग कार भी रहती है। - पीके कौशिक, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
हाईवे पर पुलिस पेट्रोलिंग कार रहती है। कुछ स्थानों पर पिकेट भी तैनात है। लापरवाही बरतने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - शंकर प्रसाद, एसपी सिटी
हाईवे पर कुछ बड़ी वारदातें
- वर्ष 2016 में मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था, जिसकी गूंज पूरे देश में हुई थी। इसके बाद हाईवे पर सरकार ने सुरक्षा व लाइट व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए थे।
- सामूहिक दुष्कर्म कांड के कुछ माह बाद ही दोस्तपुर फ्लाईओवर के निकट ही खुर्जा निवासी दंपती की हत्या कर दी गई थी।