बुलंदशहर। अपनी और अपनों की जान बचाने के लिए हर व्यक्ति को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना बहुत जरूरी है। हम सभी को शपथ लेनी होगी कि बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन और बिना सीट बेल्ट के चार पहिया वाहन नहीं चलाएंगे। इस प्रयास से हम सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौत के ग्राफ को कम कर सकते हैं। यह विचार शनिवार को सेंट मोमिना स्कूल में आयोजित सड़क सुरक्षा और नो हेलमेट नो फ्यूल पर आयोजित अमर उजाला संवाद में एआरटीओ प्रवर्तन राजीव कुमार बंसल और जिला पूर्ति अधिकारी अभय सिंह ने व्यक्त किए।
जिला पूर्ति अधिकारी अभय सिंह ने कहा कि नो हेलमेट नो पेट्रोल का आदेश लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिया गया है। हेलमेट पहनना पेट्रोल लेने के लिए नहीं लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।
जिस तरह लोग अपने मोबाइल को टूटने से बचाने के लिए कवर लगाते हैं, ठीक उसी तरह अपनी जान बचाने के लिए हेलमेट लगाएं। कहा कि शरीर में कहीं चोट लग जाए तो वह ठीक हो सकती हैं, लेकिन सिर में चोट लग जाए तो जान चली जाती है। इन मौतों को सड़क सुरक्षा के उपाय अपनाकर बचाया जा सकता हैं।
एआरटीओ प्रवर्तन राजीव बंसल कहा कि यातायात नियमों का पालन न करने पर हादसों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रतिवर्ष एक लाख 68 हजार लोगों की मौत देशभर में सड़क हादसों में होती हैं। जिले में प्रतिवर्ष 750 लोगों की मौत सड़क हादसों में हो रहीं हैं। यदि सड़क पर पैदल चलने वाले से लेकर दोपहिया, ई-रिक्शा, ऑटो, कार, बस, ट्रक चालक आदि यातायात नियमों का पालन करें तो काफी हादसे रोके जा सकते हैं।
कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं। इसलिए सभी अपने भाई-बहन, माता-पिता, चाचा-चाची और पड़ोसियों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने को जागरूक करें। जिसे सभी का परिवार सुरक्षित रह सके। इस दौरान सभी को यातायात नियमों का पालन करने के लिए शपथ दिलाई गई।
इस दौरान सेंट मोमिना स्कूल की प्रधानाचार्य वर्षा सिरोही, उप प्रधानाचार्य आभा गौड, तनुजा, अलका सक्सेना, सीमा बंसल, अर्चना सक्सेना, संदीप गुप्ता समेत स्कूल के छात्र-छात्राएं, परिजन और शिक्षक आदि मौजूद रहे।
सेंट मोमिना स्कूल में आयोजित संवाद में मौजूद छात्र-छात्राएं व अन्य लोग। संवाद