जाट समुदाय को अपने पक्ष में लाने के लिए सपा ने पूर्व मंत्री पर बड़ा दांव खेला है। सपा ने पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री किरनपाल सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया है। सपा का यह कदम विधानसभा चुनाव से पहले जाट वोटों को अपने पक्ष में लाने का माना जा रहा है।
जनपद के कद्दावर जाट नेता और अगौता विधानसभा सीट से लगातार छह बार चुनाव जीत चुके किरनपाल सिंह को सपा ने प्रदेश उपाध्यक्ष के पद से नवाजा है। पूर्व मंत्री किरनपाल सिंह की गिनती जनपद के कद्दावर नेताओं में होती है। जाट समुदाय के वोटरों पर किरनपाल सिंह की अच्छी पकड़ है।
सभी सीटों पर जाट वोट बैंक उम्मीदवारों का गणित बनाने-बिगाड़ने में कारगर है। अनूपशहर, शिकारपुर, बुलंदशहर विधानसभा सीट पर जाटों की संख्या भी अच्छी-खासी है। इसी वोट पर अब समाजवादी पार्टी की नजर है। सपा का जनपद में कोई खास जनाधार नहीं है। पूर्व मंत्री का ओहदा बढ़ाकर सपा की नजर जाट वोटों पर है, ताकि उसके प्रत्याशियों का बेड़ा पार हो सके।
हालांकि जाट वोट को रालोद का परंपरागत वोट बैंक माना जाता है। हर चुनाव में यह वोट रालोद के पाले में जाता है, लेकिन पूर्व मंत्री का पार्टी में ओहदा बढ़ाकर इस वोट बैंक को सपा अपने पाले में लाने की कोशिश में है। बता दें कि पूर्व मंत्री किरनपाल सिंह पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और सपा सुप्रीमो के काफी खास रहे हैं। जेपी आंदोलन के दौरान उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी।
किरनपाल के मनोनयन पर मिठाई बांटी
स्याना (ब्यूरो)। पूर्व मंत्री किरनपाल सिंह को सपा का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाने पर नवीन मंडी के व्यापारियों ने खुशी जताई और मिठाई बांटी। व्यापारियों ने प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर पूर्व प्रमुख सतपाल सिंह, शरद चौधरी, श्याम त्यागी, नरोत्तम जिंदल, ओमप्रकाश लोधी, अनिल त्यागी, रंजीत अग्रवाल आदि मौजूद रहे।