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थायराइड जांच के लिए भटक रहे मरीज

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थायराइड जांच के लिए भटक रहे मरीज
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बुलंदशहर। जिले के सरकारी चिकित्सालयों में जिला अस्पताल को छोड़कर शेष में थायराइड जांच की सुविधा नहीं है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं समेत अन्य लोगों के जांच के लिए भटकना पड़ रहा है। कुछ लोग जहां जिला अस्पताल आकर जांच करवा रहे हैं तो शेष निजी पैथोलॉजी लैब पर जाने को मजबूर हैं। सरकारी चिकित्सालयों में ये हाल तब है, जब गर्भवती महिलाओं के लिए थायराइड जांच जरूरी बताई गई है।
जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी चिकित्सालयों में पैथोलॉजी लैब स्थापित है लेकिन जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब को छोड़कर अन्य सभी लैब पर थायराइड की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि सभी सरकारी चिकित्सालयों में प्रतिदिन चिकित्सक गर्भवती महिला समेत अन्य रोगियों को थायराइड जांच की सलाह देते हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए परेशान होना पड़ता है। ऐसे में अधिकांश महिलाएं जांच से वंचित रह जाती हैं। इसके बावजूद सरकारी चिकित्सालयों में थायराइड जांच के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है।
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दो प्रकार की होती है थायराइड जांच
चिकित्सकों के अनुसार थायराइड जांच दो प्रकार की होती है। इसमें हाइपो थायराइड होने पर अचानक वजन बढ़ने लगता है। इस कारण व्यक्ति काम में रुचि नहीं लेता है, जबकि महिलाओं की माहवारी में अनियमितता हो जाती है। जोड़ों में पानी भर जाता है, जिससे पैरों में सूजन आ जाता है। यह 30 से 60 वर्ष की महिलाओं में अधिक होता है। दूसरा हायपर थायराइड है, जिसमें वजन अचानक कम होने लगता है। ऐसे में गर्मी बर्दाश्त नहीं होती है। इसमें मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और पीड़ित महिला के प्रजनन शक्ति पर असर पड़ता है। यह बीमारी 20 साल की महिलाओं को अधिक होती है। थायराइड के कारण गर्भपात का जोखिम रहता है।
इसलिए जरूरी है थायराइड की जांच
जिला महिला अस्पताल की पूर्व स्वी एवं प्रसूती रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधा शर्मा ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था में थायराइड की समस्या अधिक होती है। इसलिए उन्हें ज्यादा ध्यान रखना होता है। महिलाओं को पुरुष की तुलना में थायराइड अधिक होती है। औसतन हर दस थायराइड मरीजों में सात महिलाएं होती हैं। गर्भावस्था में दिक्कत और बढ़ जाती है। ऐसे में थायराइड की जांच जरूरी है, वह भी गर्भधारण करने के तीन माह के भीतर जांच होने पर दवा हो जाती है तो दिक्कत नहीं होती है। इसलिए गर्भधारण करने वाली हर महिला को तीन माह के भीतर जांच करा लेनी चाहिए।
बोले मरीज
चिकित्सक ने थायराइड जांच के लिए लिखा है। जहांगीराबाद सरकारी चिकित्सालय में जांच की सुविधा नहीं है। बुलंदशहर थायराइड जांच कराने के लिए आई हूं। - नीलम गुप्ता
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महिला अस्पताल में चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने थायराइड जांच कराने के लिए कहा। महिला अस्पताल से जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। - रजनी
पिछले पांच दिन में थायराइड जांच कराने वालों की संख्या
तारीख थायराइड जांच के आंकड़े
29 जुलाई 96
30 जुलाई 79
01 अगस्त 133
02 अगस्त 122
03 अगस्त 133
जिले में केवल जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब पर थायराइड जांच की मशीन उपलब्ध है। ऐसे में अन्य सभी जगह आने वाले मरीजों को थायराइड जांच के लिए जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। अन्य जगह के लिए थायराइड जांच मशीन के लिए शासन से मांग की जाएगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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