खुर्जा। अरनिया थाना क्षेत्र के मदकोला के जंगल में बृहस्पतिवार रात पुलिस की गोकशों से मुठभेड़ हुई। इसमें 15 हजार के इनामी समेत तीन गोकश पकड़े गए। वहीं दो आरोपी भाग गए। गिरफ्तार बदमाशों से पुलिस ने तीन तमंचे, पिकअप वाहन, पशु और गोकशी के उपकरण बरामद किए हैं।
एसपी देहात रोहित मिश्र ने बताया कि बृहस्पतिवार रात अरनिया पुलिस क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर चेकिंग कर रही थी। तभी सूचना के आधार पर पुलिस मदकोला गांव के जंगल पहुंची। वहां कुछ लोग पशु लेकर खड़े थे। बदमाशों ने खुद को पुलिस से घिरता देख फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में तीनों बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। जिनको वहीं पकड़ लिया गया। अन्य दो बदमाश अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल की तरफ भाग गए।
गिरफ्तार बदमाशों की पहचान सलमान निवासी गांव नदरई थाना कोतवाली नगर जनपद कासगंज, शाहिद उर्फ शरीफ निवासी गांव रोहिंदा थाना अरनिया जनपद बुलंदशहर और वाजिद निवासी गांव नई थाना बिंछौर जनपद नूंह हरियाणा के रूप में हुई। आरोपी सलमान की गिरफ्तारी पर जनपद एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने 15 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह गांवों में घर के बाहर खड़े पशुओं को चोरी करके ले जाते और कटना कर उनका मांस बेचते थे। थाना अरनिया में भी उन्होंने पिछले 20 दिन पहले घटना को अंजाम दिया था।
बदमाश सलमान पर 34 मुकदमे दर्ज
खुर्जा सीओ वरुण कुमार सिंह ने बताया कि जांच में पता चला कि गिरफ्तार किए गए सलमान के खिलाफ बीते नौ साल में अलग-अलग जनपदों में 34 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें फर्रूखाबाद, कासगंज, इटावा, एटा, कन्नोज, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, मैनपुरी, बुलंदशहर जनपदों में हत्या, गैर इरादतन हत्या, अपहरण, डकैती, हत्या का प्रयास, बलवा, लूट, आर्म्स एक्ट, गौ हत्या और तस्करी समेत अन्य आधारों में मुकदमे दर्ज हैं। वह अभी तक 15 बार जेल जा चुका है। जमानत पर छूटने के बाद अन्य जनपद में अपराध करने चला जाता था। इसके अलावा शाहिद उर्फ शरीफ पर पांच साल में पांच मुकदमे दर्ज हैं।