बुलंदशहर। साइबर क्राइम सेल ने एक महिला के बैंक खातों में सेंध लगाकर 22.30 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 50 हजार रुपये की नकदी और घटना में प्रयुक्त क्षतिग्रस्त मोबाइल बरामद हुआ है। पकड़े गए आरोपियों ने ई-सिम के जरिए बैंक खातों का एक्सेस हासिल कर वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी रोहित सारजन ने बताया कि उसे पीड़िता माया देवी के बैंक खातों में बड़ी धनराशि होने की जानकारी थी। शातिरों ने बड़ी चालाकी से पीड़िता के बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर की ई-सिम जनरेट कर ली। इसके बाद ई-सिम के माध्यम से पेटीएम चालू किया और यूपीआई व आईएमपीएस ट्रांजेक्शन के जरिए दो अलग-अलग खातों से कुल 22,30,000 रुपये पार कर दिए। ठगी गई रकम को खपाने के लिए आरोपियों ने गाजियाबाद, बिजनौर और स्याना क्षेत्र के जनसेवा केंद्रों का सहारा लिया।
संचालकों को 30 प्रतिशत कमीशन का लालच देकर गाजियाबाद से 4.50 लाख और बिजनौर से 5 लाख रुपये कैश कराए। ठगी की रकम से आरोपियों ने 94 हजार रुपये की एक बाइक खरीदी और शेष धनराशि आपस में बांटकर निजी कार्यों व कर्ज चुकाने में खर्च कर दी। गांव जलालपुर निवासी माया देवी ने बीते दिनों साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 14 फरवरी से 7 मार्च के बीच उनके खातों से अज्ञात लोगों ने लाखों रुपये निकाल लिए हैं। पुलिस टीम ने विवेचना के आधार पर रोहित सारजन, तेजवीर सिंह और करन गिरी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी के 50 हजार रुपये बरामद किए हैं, जबकि 1.84 लाख रुपये पहले ही पीड़िता के खाते में वापस कराए जा चुके हैं।