बुलंदशहर/खानपुर/औरंगाबाद। बच्चों को डिप्थीरिया से बचाने के लिए टीडी टीकाकरण का अभियान चल रहा है। कुछ स्कूल संचालक इसका विरोध भी कर रहे हैं। वहीं, सोमवार को खानपुर के सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में टीका लगाने से एक छात्र की हालत बिगड़ गई। छात्र की हालत बिगड़ने पर मौके पर पहुंची स्वास्थ्य टीम ने जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया लेकिन परिजन उसे एक झोलाछाप के पास ले गए।
स्वास्थ्य विभाग 20 से 30 अप्रैल तक कक्षा पांच से कक्षा 10 के ऐसे छात्र-छात्राओं को टीडी व डीपीटी का टीका लगवा रहा है जो किसी कारणवश टीका नहीं लगवा सके। टीम को कुछ स्कूल संचालक व प्रधानाचार्य के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। टीकाकरण न होने से बच्चों में जानलेवा बीमारी हो सकती है। विभाग की टीम स्कूल संचालक एवं प्रधानाचार्य को मनाने में जुटा है, लेकिन कुछ टीकाकरण में सहयोग देने से मना कर रहे हैं। सोमवार को औरंगाबाद के नेशन पब्लिक स्कूल में शिविर लगा। इस दौरान स्कूल की प्रधानाचार्य प्रिया अग्रवाल, उप प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार जोशी, विद्यालय कन्वीनर लोकेश वर्मा, एडमिन हेड नेहा पाठक, एकेडमिक कोऑर्डिनेटर हिमांशी गर्ग, कोऑर्डिनेटर अंशु गोयल बबीता सिंह, कुमारी रश्मि शर्मा आदि के सहयोग से छात्र-छात्राओं को टीका लगाया गया।
उधर, खानपुर क्षेत्र के नयाबांस स्थित सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में टीडी व डीपीटी टीका लगाने को टीम पहुंची। इस दौरान कक्षा 10 के छात्र मयंक का टीका लगने के बाद स्वास्थ्य बिगड़ गया। पिता मनोज ने बताया कि टीका लगने के बाद से बेटे के शरीर के एक हिस्से ने काम करना बंद कर दिया। वहीं, टीम ने इसकी सूचना जहांगीराबाद सीएचसी प्रभारी को दी। जहांगीराबाद सीएचसी से डॉ. मोबिन व डॉ. योगेश की टीम मौके पर पहुंची और छात्र का प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों ने स्थिति को गंभीर मानते हुए छात्र को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराने की सलाह दी। हालांकि, परिजन छात्र को जिला चिकित्सालय ले जाने के बजाय गांव में ही एक झोलाछाप के यहां पहुंच गए।
कोट
टीका लगने से कोई खतरे की बात नहीं है। प्रथम दृष्टया यह मामला जीबीएस (गुइलियन-बैरे सिंड्रोम) जैसी बीमारी का हो सकता है, जो वायरल संक्रमण के कारण होती है। इसकी पुष्टि के लिए छात्र को जिला चिकित्सालय रेफर किया लेकिन परिजन लेकर नहीं गए। - डॉ. विजेंद्र, सीएचसी प्रभारी जहांगीराबाद
जिलेभर में छह हजार के करीब बच्चों को टीका लगाया जा चुका है। कुछ जगह विरोध किए जाने पर उन्हें समझाकर टीका लगाने का प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. हरेंद्र बंसल, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी