गंगापुल तथा मस्तराम घाट पर गंगा में नहा रहे एक किशोर समेत दो चचेरे भाइयों की डूबने से मौत हो गई। मौके पर पहुंचे नगर पालिका के गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों के शवों को बाहर निकाला। पीड़ित परिजनों का रोते रोते बुरा हाल हुआ है।
गंगा में डूबे दोनों चचेरे भाई जेपी ग्रुप द्वारा मस्तराम घाट के जीर्णोंद्धार कार्य में मजदूरी करते थे। समाचार लिखे जाने तक दोनों भाइयों के शवों को परिजन जेपी यूनिवर्सिटी के हर हर महादेव मंदिर के गेट पर रखकर मुआवजे की मांग कर रहे थेे। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ कोतवाल, सीओ और सपा के प्रत्याशी भी पहुंचे।
थाना जहांगीराबाद के खिदराबाद गांव निवासी किशोर हिमांशु (16) पुत्र ओमवीर अपनी ताई ओमवती के अंतिम संस्कार में शामिल होने परिजनों के साथ अनूपशहर गंगातट पर आया हुआ था। अंतिम संस्कार के दौरान हिमांशु नहाने के दौरान तेज बहाव की चपेट में आकर गहरे पानी में चला गया।
परिजन कुछ समझ पाते इससे पहले वह डूब गया। हिमांशु के डूबने से कोहराम मच गया। पालिका के गोताखोर व पुलिस फोर्स ने तलाशी शुरू करा दी। कुछ ही देर में हिमांशु का शव मिल गया। वहीं, दूसरा हादसा मस्तराम घाट पर हुआ। शेरपुर गांव निवासी तौफीक (28) पुत्र करामत और हसमुद्दीन (30) पुत्र महमूदा जेपी ग्रुप द्वारा कराए जा रहे निमार्ण कार्य में मजदूरी करते थे।
दोनों दोपहर में खाना खाने के बाद गंगा में स्नान करने लगे। इसी दौरान तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गए। सूचना पर पहुंचे नगर पालिका के गोताखोरों ने ग्रामीणों की सहायता से तौफीक का शव बरामद किया। वहीं, हसमुद्दीन का शव शाम को बरामद हुआ।