खुर्जा। मुंडाखेड़ा गांव में बृहस्पतिवार दोपहर बारिश के कारण मस्जिद की चहारदीवारी गिर गई। इसमें दीवार के सहारे टेंट लगाकर रह रहे झूले लगाने वाले परिवार के छह सदस्य दब गए। इसमें एक मजदूर, उनकी पत्नी और उसके भांजे की मौत हो। परिवार के तीन अन्य लोग घायल हो गए। इसमें दो की हालत गंभीर है।
मुंडाखेड़ा गांव निवासी शाहरुख ने बताया कि गांव में मुख्य मार्ग पर मस्जिद है। इसकी चहारदीवारी आगे तक फैली है। इसी दीवार के सहारे बुगरासी चौकी क्षेत्र के चंदियाना गांव निवासी सलीम टेंट लगाकर अपने परिवार के साथ रहते थे। सलीम झूला (टैंपोलिन) लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। अभी उन्होंने मस्जिद की खाली जमीन पर झूला लगाया हुआ था।
बृहस्पतिवार दोपहर को सलीम व उनके परिवार के पांच अन्य सदस्य टेंट के नीचे सो रहे थे तभी मस्जिद की चहारदीवारी टूटकर बाहर की तरफ टेंट के ऊपर गिर गई। टेंट के नीचे सो रहे छह सदस्य दीवार के मलबे में दब गए। यह देख शाहरुख व गांव के अन्य लोग मौके पर पहुंचे और लोगों को मलबे से बाहर निकालना शुरू किया। सूचना पर पुलिस टीम भी पहुंच गई और राहत कार्य में मदद की।
परिवार के सभी सदस्यों को मलबे से बाहर निकालकर जटिया अस्पताल पहुंचाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने सलीम (45) और उसके भांजे आजाद (10) को मृत घोषित कर दिया।
पत्नी गुलिस्ता, बेटी जैनब, लजीना और साला रिजवान गंभीर रूप से घायल हो गए। इसमें गंभीर रूप से घायल गुलिस्ता और दस वर्षीय बेटी लजीना को जिला अस्पताल रेफर किया गया। देर शाम गुलिस्ता की भी इलाज के दाैरान माैत हो गई।
वहीं, घटना की जानकारी मिलने पर नायब तहसीलदार पीयूष कुमार मौके पर पहुंचे और घायलों से बातचीत की। सीओ शोभित कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय लोगों से जानकारी ली।
तीन महीने पहले दीवार की बढ़ाई गई थी ऊंचाई
गांव निवासी आदिल ने बताया कि चहारदीवारी पहले पांच फुट ऊंची थी। तीन महीने पहले ही इसकी ऊंचाई बढ़ाकर 12 से 14 फुट की गई ताकि लोग अंदर प्रवेश न कर सकें। इस कारण दीवार का वजन बढ़ गया। यदि दीवार की ऊंचाई बढ़ाते वक्त नीचे से भी मरम्मत कराई जाती तो यह हादसा नहीं होता।
कल बुलंदशहर जाने वाले थे सभी लोग
घायल बच्ची जैनब ने बताया कि वह और उनका परिवार अस्थाई रूप से अलग-अलग जगह पर रहता था। बीते एक साल से वह खुर्जा में रह रहे थे। बुधवार रात को पिता सलीम ने कहा था कि शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद खुर्जा छोड़ कर बुलंदशहर जाएंगे। बृहस्पतिवार को बारिश रुकने के बाद सामान बांधना था लेकिन क्या पता था खुर्जा में रहने का दिन तो आखिरी ही था और वह भी मातम के साथ।
खुर्जा के मुंडाखेड़ा गांव में मस्जिद की दीवार गिरने से घायल बच्चों को अस्पताल ले जाते लोग। संवा