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Bulandshahar News: एसएसबी जवान को फंसाने के लिए खुद पर चलवाई गोली, पिता-पुत्र समेत तीन गिरफ्तार

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देहात कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वाले आरोपी। स्रोत: पुलिस
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बुलंदशहर। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) जवान को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए एक बुजुर्ग ने अपने ही हाथ पर गोली चलवा ली। इसके बाद जवान के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस की तकनीकी जांच में साजिश का खुलासा हुआ। आरोप है कि तीन बीघा जमीन को लेकर चल रहे मुकदमे में दबाव बनाने के लिए यह साजिश रची गई। कोतवाली देहात पुलिस ने शनिवार को बुजुर्ग, उसके बेटे और गोली चलाने वाले रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त तमंचा और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
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कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव मिर्जापुर अगरपुर निवासी श्रीपाल सिंह ने 30 सितंबर को थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गांव के ही अशोक कुमार और उनके एक अज्ञात साथी ने उनके पिता ब्रह्म सिंह पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाई, जिससे वह घायल हो गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान घटनास्थल, तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल की पड़ताल में मामला संदिग्ध मिला। सामने आया कि नामजद अशोक कुमार एसएसबी में जवान हैं और उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में है। घटना के समय वह छुट्टी पर घर आए हुए थे। पुलिस के अनुसार, साक्ष्यों की जांच में पता चला कि ब्रह्म सिंह ने अपने बेटे श्रीपाल और उसके साले रोहित निवासी जमालपुर, थाना अगौता के साथ मिलकर साजिश रची थी। योजना के तहत 30 सितंबर को रोहित ने तमंचे से ब्रह्म सिंह के हाथ में गोली मारी थी।
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इस मामले में सीओ सिटी प्रखर पांडेय ने बताया कि मोबाइल टावर की लोकेशन और घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्यों का वादी के बयान से मेल नहीं हो रहा था। गोली चलने के बताए गए समय में नामजद जवान की लोकेशन दूसरी जगह थी। जांच में मामला संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने कार्रवाई की।


10 साल पहले किया था जमीन का इकरारनामा
पुलिस के अनुसार, करीब 10 वर्ष पहले ब्रह्म सिंह ने अशोक कुमार के पिता बदले सिंह से रुपये लेकर तीन बीघा जमीन का इकरारनामा किया था। हालांकि, न तो रुपये लौटाए गए और न ही जमीन का बैनामा किया गया। इस पर बदले सिंह ने अदालत में मुकदमा दायर किया। वर्ष 2020 में उनकी मृत्यु के बाद बेटे अशोक कुमार ने मुकदमे की पैरवी जारी रखी। वर्ष 2024 में अदालत ने अशोक के पक्ष में बैनामा करने का आदेश दिया। इसके खिलाफ ब्रह्म सिंह ने अपील दायर की, जिसकी सुनवाई 30 सितंबर को नियत थी। आरोप है कि इसी मामले में एसएसबी जवान को जेल भिजवाकर दबाव बनाने के लिए यह साजिश रची गई।
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